अंतिम यात्रा भी मुश्किल! रानीश्वर श्मशान घाट की सड़क पर जलजमाव से बढ़ी परेशानी

Updated:
विज्ञापन

आमजोड़ा श्मसान घाट जाने वाले सड़क पर जमा बारिश का पानी. | Prabhat Khabar Network

बारिश ने बढ़ाई रानीश्वर के आमजोड़ा श्मशान घाट की मुसीबतें. कच्ची सड़क पर जलजमाव से शव ले जाने और आवागमन में भारी परेशानी.

विज्ञापन

रानीश्वर.आमजोड़ा पुल के समीप श्मशान घाट जाने वाली कच्ची सड़क बारिश के बाद तालाब में तब्दील हो गयी है. सड़क पर जगह-जगह पानी जमा रहने के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है. इसी रास्ते से शव को दाह संस्कार के लिए मयुराक्षी नदी स्थित आमजोड़ा श्मशान घाट तक ले जाया जाता है. श्मशान घाट के समीप स्थित आश्रम जाने वाले लोग भी इसी सड़क का इस्तेमाल करते हैं.

श्मशान घाट और नदी तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता

आमजोड़ा श्मशान घाट तक जाने के अलावा विभिन्न स्थानों से लोग मयुराक्षी नदी में स्नान करने के लिए भी इसी रास्ते से पहुंचते हैं. बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा हो जाने से लोगों को कीचड़ और जलजमाव के बीच से होकर गुजरना पड़ता है.

इसी रास्ते से छोटा कामती और एकतला बालू घाट से ट्रैक्टर और ट्रकों पर बालू लादकर भी ले जाया जाता है. भारी वाहनों की आवाजाही के बावजूद सड़क की मरम्मत की ओर किसी स्तर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है.

दुमका-सिउड़ी आवागमन का था प्रमुख रास्ता

स्थानीय लोगों के अनुसार यह सड़क कभी दुमका से सिउड़ी जाने वाली पुरानी सड़क हुआ करती थी. मयुराक्षी नदी पर पुल बनने से पहले दुमका की ओर से सिउड़ी जाने वाली यात्री बसें आमजोड़ा घाट के पास नदी के उत्तर दिशा में खड़ी होती थीं. वहीं सिउड़ी की ओर से दुमका जाने वाली बसें नदी के दक्षिणी छोर पर आमजोड़ा के पास खड़ी रहती थीं.

दोनों ओर से यात्री बस से उतरकर पैदल या नाव के माध्यम से नदी पार करते थे और दूसरी ओर खड़ी बसों में सवार होकर आगे की यात्रा करते थे.

तिलपाड़ा बराज और पुल बनने के बाद बदला आवागमन

सिउड़ी के समीप मयुराक्षी नदी पर तिलपाड़ा बराज बनने के बाद वाहनों का दुमका से सिउड़ी तक सीधा आवागमन शुरू हुआ. इसके बाद आमजोड़ा घाट पर भी उच्चस्तरीय पुल का निर्माण कराया गया, जो वर्ष 2011 में बनकर तैयार हुआ.

पुल बनने के बाद पुराने रास्ते के समीप उच्चस्तरीय पक्की सड़क का भी निर्माण किया गया. वर्तमान में बड़ी संख्या में ट्रक और बसें आमजोड़ा उच्चस्तरीय पुल से होकर आवागमन करती हैं.

श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए आज भी पुरानी सड़क का सहारा

उच्चस्तरीय पुल और पक्की सड़क बनने के बावजूद पुल के नीचे से आमजोड़ा श्मशान घाट तक जाने के लिए पुरानी कच्ची सड़क का ही इस्तेमाल होता है. बारिश के दिनों में सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है. जलजमाव के कारण शव ले जाने वाले लोगों के साथ-साथ श्मशान घाट, आश्रम और नदी तक आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है.

स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से श्मशान घाट तक जाने वाली सड़क की जल्द मरम्मत कराने और जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है.


विज्ञापन
साधन सेन

लेखक के बारे में

By साधन सेन

वर्ष 1999 के नवंबर महीने से प्रभात खबर अखबार में पत्रकारिता शुरू की. दुमका के रानीश्वर प्रखंड से पत्रकारिता करते हुए जनहित की खबरों को प्राथमिकता देना, हमेशा मेरा ध्येय रहा है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola