नव निर्मित स्कूल भवन की दीवार गिरी, अभिभावकों में रोष

Updated at : 11 Apr 2017 6:01 AM (IST)
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नव निर्मित स्कूल भवन की दीवार गिरी, अभिभावकों में रोष

अनियमितता. आसनबनी उर्दू प्राथमिक विद्यालय का मामला रानीश्वर : आसनबनी उर्दू प्राथमिक विद्यालय के नव निर्मित विद्यालय भवन के दो मंजिले की दीवार ढह जाने से अभिभावकों में काफी रोष है. आसनबनी उर्दू प्राथमिक विद्यालय परिसर में झारखंड शिक्षा परियोजना की ओर से चार कमरे का दो मंजिला भवन का निर्माण कराया जा रहा है. […]

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अनियमितता. आसनबनी उर्दू प्राथमिक विद्यालय का मामला

रानीश्वर : आसनबनी उर्दू प्राथमिक विद्यालय के नव निर्मित विद्यालय भवन के दो मंजिले की दीवार ढह जाने से अभिभावकों में काफी रोष है. आसनबनी उर्दू प्राथमिक विद्यालय परिसर में झारखंड शिक्षा परियोजना की ओर से चार कमरे का दो मंजिला भवन का निर्माण कराया जा रहा है. निर्माण कार्य के अभिकर्ता स्कूल के प्रभारी सचिव मो ताजुद्दीन को बनाया गया है. एक मंजिला भवन की छत ढलाई हो चुकी है. दूसरे मंजिल की दीवार निर्माण का कार्य चल रहा है. रविवार शाम दीवार निर्माण का कार्य चालू था.
इसी क्रम में निर्माणाधीन दीवार ढह गयी. हालांकि उस समय स्कूल में बच्चे नहीं थे. वहीं सोमवार को सचिव ताजुद्दीन स्कूल से गायब थे. एक सहायक पारा शिक्षिका शहजबी बानो स्कूल में थी. उन्होंने बताया कि स्कूल में सचिव आये थे. अभी कहीं गये हैं. सूचना पर शिक्षा विभाग के अभियंता स्कूल पहुंचे और जायजा लिया. वहीं अभिभावकों ने निर्माण कार्य घटिया होने का आरोप लगया है. रहमुद्दीन अंसारी, पिंटू पाल, इंसान अंसारी आदि ने कहा कि निर्माण कार्य घटिया किस्म के किया जा रहा है.
चिमनी ईंट के बदले बांग्ला भट्टा ईंट लगाया जा रहा है. ईंट को ठीक से भिंगाया भी नहीं जा रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण कार्य में ईंट, सीमेंट व छड़ तीनों घटिया किस्म के है. मिस्त्री भी कुशल नहीं है. भवन का पीलर भी टेड़ा बनाया गया है. सीमेंट का काम करने के बाद ठीक से पानी भी नहीं दिया जाता है. भवन निर्माण का प्राक्कलित राशि कितनी है. इसकी जानकारी भवन निर्माण कार्य के सचिव सह स्कूल के सचिव मो ताजुद्दीन को भी नहीं है. ताजुद्दीन ने बताया कि विभाग के अभियंता जैसे जैसे राशि भेजते हैं उसी अनुसार काम कराते हैं.
105 में 71 बच्चे ही पहुंचे थे स्कूल
आसनबनी उर्दू प्राथमिक विद्यालय में सोमवार को 105 नामांकित बच्चों में से सिर्फ 71 ही बच्चे स्कूल पहुंचे थे. सोमवार को 10 बजे स्कूल पहुंचने पर वहां के बच्चे इधर उधर खेल रहे थे. इसका कारण स्कूल का पूराना भवन तोड़ कर उसी जमीन पर नये भवन बनाना बताया गया. स्कूल में फिलहाल एक ही कमरा बचा है. उसी कमरे में स्कूल का सामान भी रखा हुआ है. बच्चों को भी उसी कमरे में बैठना पड़ रहा है. स्कूल में वर्ग प्रथम से पंचम तक की पढ़ाई होती है.
यहां सरकारी शिक्षक का पद कई सालों से रिक्त है. एक पारा शिक्षक व एक पारा शिक्षिका के भरोसे स्कूल संचालित हो रहा है. सचिव स्कूल में नहीं थे. कमरा में एक साथ 71 बच्चे नहीं बैठ सकते हैं. सहायक पारा शिक्षिका ने बताया कि स्कूल में जगह की कमी के कारण नये बेंच नहीं खरीदी गयी है. स्कूल परिसर का शौचालय व किचेन शेड भी तोड़ दिया गया है. उसी जमीन पर नये भवन बनाया जा रहा है
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