जामा के लकड़ापहाड़ी में बनेगा ट्रॉमा सेंटर

Published at :20 Oct 2016 2:22 AM (IST)
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जामा के लकड़ापहाड़ी में बनेगा ट्रॉमा सेंटर

खुशखबरी. 70 डिसमिल जमीन चिह्नित, इलाज के अभाव में अब नहीं होगी किसी की मौत दुमका : जामा के लकड़ापहाड़ी में ट्रॉमा सेंटर बनेगा. इसके लिए जो जमीन चिह्नित की गयी है, वह दुमका-भागलपुर मार्ग पर है. ट्रॉमा सेंटर निर्माण के लिए मौजा के थाना नंबर 27, खाता संख्या 68, दाग संख्या 431 में फिलवक्त […]

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खुशखबरी. 70 डिसमिल जमीन चिह्नित, इलाज के अभाव में अब नहीं होगी किसी की मौत

दुमका : जामा के लकड़ापहाड़ी में ट्रॉमा सेंटर बनेगा. इसके लिए जो जमीन चिह्नित की गयी है, वह दुमका-भागलपुर मार्ग पर है. ट्रॉमा सेंटर निर्माण के लिए मौजा के थाना नंबर 27, खाता संख्या 68, दाग संख्या 431 में फिलवक्त 70 डिसमिल पुरानी परती भूमि चिह्नित की गयी है. इतना ही नहीं प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा नि:शुल्क भूमि हस्तांतरण की स्वीकृति भी प्रदान कर दी गयी है. आकस्मिकता प्रबंधन कोष के तहत यह ट्रॉमा सेंटर बनाया जायेगा.
हर तीसरे दिन हादसे की वजह से होती है एक की मौत
जिले में हर तीसरे दिन एक व्यक्ति की मौत सड़क हादसे की ही वजह से हो जाती है. जिले में पिछले पचास दिनों में 17 लोगों की जान सड़क हादसे में ही चली गयी. सही समय पर इन मरीजों को एंबुलेंस मिल गया होता और वे ट्रॉमा सेंटर तक पहुंच गये होते, तो इनमें से कई की जान बच भी सकती थी.
एक दिन पूर्व ही इसी लकड़ापहाड़ी गांव का 22 वर्षीय युवक अमित कुमार जायसवाल सड़क हादसे में घायल हो गया था. बस की चपेट में आ जाने के बाद उसे पहले एक प्राइवेट वाहन में आठ किमी दूर निजी क्लिनिक में दुमका लाया गया, फिर वहां से रेफर किये जाने के बाद देवघर ले जाया गया. समय पर इलाज न हो पाने से उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था.
इलाज के अभाव में चली जाती है जान
दुमका जिले में हाल के दिनों में भारी वाहनों के आवागमन में बढ़ोतरी तथा अच्छी सड़कें बन जाने से तेज रफ्तार की वजह से हादसे का भी ग्राफ बढ़ा है. अक्सर सड़क हादसे में मरीज को दुमका के सदर अस्पताल, प्रखंडों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा रेफरल अस्पताल से संसाधन के अभाव में रेफर कर देना पड़ता है. जिले में एक भी ट्रॉमा सेंटर नहीं है. ऐसे में बर्धमान, रांची या कोलकाता ले जाते-जाते मरीज दम तोड़ देता है.
हाइवे के प्रत्येक 50 किमी पर बनना है सेंटर
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देश के आलोक में राष्ट्रीय उच्च पथ पर प्रत्येक 50 किलोमीटर पर एक ट्रॉमा सेंटर की स्थापना किया जाना है. इसके अलावा प्रत्येक एक लाख की आबादी पर एक एंबुलेंस की भी व्यवस्था की जानी है.
अधिकारी ने कहा
दुमका जिले में एक ट्रॉमा सेंटर की स्थापना बेहद जरूरी है. सरकार का दिशा-निर्देश भी है कि नेशनल हाइवे पर पचास किमी की दूरी पर एक ट्रॉमा सेंटर अवश्य हो. स्थल का चयन दुमका-भागलपुर मार्ग पर कर लिया गया है. उम्मीद है कि यह ट्रॉमा सेंटर जल्द स्थापित हो जायेगा.
– डॉ विनोद कुमार साहा, सिविल सर्जन, दुमका
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