बच्चे हो सकते हैं कुपोषण के शिकार

Published at :28 Apr 2015 5:09 AM (IST)
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बच्चे हो सकते हैं कुपोषण के शिकार

नहीं मिलता पहाड़िया आवासीय उवि गोपीकांदर के बच्चों को समुचित आहार दुमका : जिले के गोपीकांदर में अनुसचित जनजाति आवासीय विद्यालय के छात्रों को इन दिनों मीनू के अनुरूप भोजन नहीं मिल रहा है. छात्रों की शिकायत है कि उन्हें दोपहर व रात में दोनों वक्त भात ही खाने को दिया जाता है और लगभग […]

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नहीं मिलता पहाड़िया आवासीय उवि गोपीकांदर के बच्चों को समुचित आहार
दुमका : जिले के गोपीकांदर में अनुसचित जनजाति आवासीय विद्यालय के छात्रों को इन दिनों मीनू के अनुरूप भोजन नहीं मिल रहा है. छात्रों की शिकायत है कि उन्हें दोपहर व रात में दोनों वक्त भात ही खाने को दिया जाता है और लगभग हर दिन आलू की ही सब्जी दी जाती है, जबकि हर दिन हरी सब्जी दी जानी है.
छात्रों की मानें तो उन्हें कभी फल या दूध नहीं दिया जाता. सप्ताह में एक दिन मांसाहारी भोजन देना है, वह भी अक्सर नहीं मिलता. जो दाल या सब्जी दी जाती है, उसकी भी गुणवत्ता ऐसी नहीं होती, जो मीनू में निर्धारित है.
छात्र अर्जुन पुजहर के मुताबिक स्कूल में फल, अंडा, केला नहीं मिलता, सब्जी भी अच्छी नहीं मिलती. दाल पानी जैसा होता है. संतोष देहरी बताते हैं कि विद्यालय में न तो विज्ञान और न ही संस्कृत के शिक्षक हैं, जिसकी वजह से इन विषयों की पढ़ायी अपने स्तर से ही करनी पड़ रही है.
दसवीं के छात्र जेम्स पुजहर का कहना है कि विद्यालय में खेलकूद के लिए प्रांगण होना चाहिए. सालों से खेलकूद के लिए कोई सामग्री नहीं खरीदी गयी. हम क्रिकेट और वॉलीबॉल खेलना चाहते हैं, लेकिन संसाधन नहीं है. इसी कक्षा के छात्र मनोज पहाड़िया व प्रभु पुजहर के मुताबिक बिजली नहीं रहती, तो हमें अंधेरे में ही रहना पड़ता है. जनरेटर है, पर आज तक नहीं चला.
विद्यालय प्रांगण बन गया आम रास्ता
पहाड़िया आवासीय उवि गोपीकांदर का परिसर इन दिनों आम रास्ता में तब्दील हो गया है. दोनों ओर के गेट को असामाजिक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया है. ऐसे में प्रखंड परिसर आने-जाने से लेकर ग्रामीण लकड़ी के बोझे लेकर हाट-बाजार में बेचने भी इसी मार्ग से जाया करते हैं.
चिकित्सक बोले
कुपोषण के अधिकांश मामले पहाड़िया परिवार के बच्चों में देखने को मिलते हैं. किशोरावस्था तक ऐसे बच्चों को संतुलित और पौष्टिक आहार नहीं मिला, तो वे कई तरह की बीमारियों से भी ग्रसित हो जाते हैं. लिहाजा ऐसे बच्चों को पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार देने की जरूरत है.
डॉ दिलीप भगत, प्रभारी, कुपोषण उपचार केंद्र.
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