न्यू बोर्न केयर यूनिट से लाभ नहीं

Updated at : 06 Jan 2018 5:50 AM (IST)
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न्यू बोर्न केयर यूनिट से लाभ नहीं

शून्य से 28 दिन तक के बच्चों को भर्ती कर होता है इलाज 12 बेड की है सुविधा, नर्सों को दिया जा चुका है प्रशिक्षण दुमका : सदर अस्पताल में नवनिर्मित सीक न्यू बोर्न केयर यूनिट विशेषज्ञ चिकित्सक, कुछ आवश्यक दवाइयां व उपकरणों के अभाव में अब तक शुरू नहीं हो पा रहा है. यूनिट […]

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शून्य से 28 दिन तक के बच्चों को भर्ती कर होता है इलाज

12 बेड की है सुविधा, नर्सों को दिया जा चुका है प्रशिक्षण
दुमका : सदर अस्पताल में नवनिर्मित सीक न्यू बोर्न केयर यूनिट विशेषज्ञ चिकित्सक, कुछ आवश्यक दवाइयां व उपकरणों के अभाव में अब तक शुरू नहीं हो पा रहा है. यूनिट के खुल जाने से गंभीर रोग से ग्रसित नवजात शिशुओं का इलाज करने में काफी सुविधा होगी. यूनिट आधुनिक सुविधाओं से लैस है. यूनिट में शून्य से लेकर 28 दिन तक के बच्चों को भर्ती किया जा सकेगा. गंभीर रूप से बीमार बच्चों को इलाज के लिए एसएनसीयू भर्ती किया जायेगा. केयर यूनिट वर्तमान में 12 बेड से शुरू किया जा रहा है. प्रत्येक बेड में रेडियेंट वारमर लगाया गया है, ताकि नवजात बच्चों को गर्म रखने में परेशानी न हो.
वार्ड में इलाजरत बच्चों की देखरेख के प्रशिक्षित नर्सों को प्रतिनियुक्त भी की जा चुकी है. वार्ड की आवश्यकता अनुसार तत्काल 12 नर्सों को प्रशिक्षित किया गया है. जो बारी-बारी से बच्चों की देखरेख करेंगी. गंभीर रूप से अस्वस्थ बच्चों को संक्रमण से सुरक्षित रखने के संक्रमणरहित वार्ड बनाये गये हैं. अंदर बाहरी लोगों का प्रवेश वर्जित रहेगा. ताकि बच्चों को इलाज के दौरान किसी प्रकार का संक्रमण का खतरा न हो.
संक्रमण व गंभीर बच्चों के लिए अलग-अलग है वार्ड
नवनिर्मित सीक न्यू बोर्न केयर यूनिट को दो हिस्से में बांटा गया है. इन बोर्न वार्ड में अस्पताल में जन्मे नवजात शिशुओं को भर्ती किया जायेगा, जो जन्म से ही किसी प्रकार के गंभीर बीमारी से ग्रसित है. आउट बोर्न वार्ड में सदर अस्पताल के बाहर जन्म लेनेवाले बच्चों को भर्ती किया जायेगा. संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए वार्ड को दो हिस्से में बांटा गया है. नवजात शिशुओं को संक्रमण से बचाने के लिए अलग से कक्ष बनाया गया है. इसमें तीन बेड लगाये गये हैं. जहां अपने बच्चों को मां दूध पीला सकेगी. वार्ड के अंदर मां का भी प्रवेश निषेध रहेगा. 24 घंटा ड्यूटी पर रहनेवाले चिकित्सक व नर्स के लिए अलग-अलग कक्ष बनाया गया. जहां रह कर वे सभी इलाजरत बच्चों पर नजर रखेगी.
जल्द ही यूनिट को शुरू करने की संभावना है. यूनिट आधुनिक सुविधाओं से लैस है. इलाज के लिए पर्याप्त चिकित्सक नही हैं. शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ विनोद कुमार सिन्हा ओपीडी व इमरजेंसी ऑन कॉल संभालते हैं. एक चिकित्सक योगदान के बाद से छुट्टी में है. विशेषज्ञ चिकित्सक सदर अस्पताल में सेवा दे रहे है. दूसरे चिकित्सक के आ जाने के बाद यूनिट शुरू कर दिया जायेगा.
डाॅ दिलीप केशरी, उपाधीक्षक
न्यू बोर्न केयर यूनिट बन कर तैयार है. यूनिट से संबंधित कुछ आवश्यक दवा और डिसपोजेबुल उपकरणों के आने के बाद यूनिट को चालू करके बच्चों को भर्ती जायेगा. केयर यूनिट को 24 घंटा सुचारू रूप से चलाने के लिए पांच चिकित्सकों की आवश्यकता है. इसमें एक शिशु रोग विशेषज्ञ की जरूरत है.
डाॅ विनोद कुमार सिन्हा, शिशु रोग विशेषज्ञ
सीक न्यू बोर्न केयर यूनिट को शुरू करने के लिए कुछ सामान की कमी है. ऑर्डर जा चुका है. जल्द ही सामनों की आपूर्ति हो जायेगी. वर्तमान में जितने चिकित्सक हैं. उन्हीं को लेकर यूनिट को शुरू किया जायेगा. 10 जनवरी के बाद से यूनिट को विधिवत चालू कर दिया जायेगा.
डाॅ जगत भूषण प्रसाद, सिविल सर्जन
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