भगवान भरोसे दुमका जिले की पूरी चिकित्सा व्यवस्था

Updated at : 03 Dec 2017 5:28 AM (IST)
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भगवान भरोसे दुमका जिले की पूरी चिकित्सा व्यवस्था

हद कर दी. 27 डॉक्टर लंबे समय से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित कई तो चला रहे प्राइवेट क्लिनिक मगर सरकारी सेवा देने की उन्हें फुर्सत नहीं मातृत्व अवकाश पर गयीं चिकित्सक डेढ़ साल बाद भी नहीं लौटीं दुमका : उपराजधानी दुमका सरकारी डाॅक्टरों को रास नहीं आ रहा है और वे दुमका छोड़ भाग रहे […]

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हद कर दी. 27 डॉक्टर लंबे समय से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित

कई तो चला रहे प्राइवेट क्लिनिक मगर सरकारी सेवा देने की उन्हें फुर्सत नहीं
मातृत्व अवकाश पर गयीं चिकित्सक डेढ़ साल बाद भी नहीं लौटीं
दुमका : उपराजधानी दुमका सरकारी डाॅक्टरों को रास नहीं आ रहा है और वे दुमका छोड़ भाग रहे हैं या सरकारी अस्पतालों में सेवा देने की बजाय अपने प्राइवेट क्लिनिक में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं. डेढ़ महीने पूर्व ही सिविल सर्जन ने स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग झारखंड सरकार को ऐसे अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले 29 डॉक्टरों की सूची भेजी थी. कुछ चिकित्सक तो अवकाश लेकर गये, लेकिन लौटकर नहीं आये. इसी तरह महिला चिकित्सक मातृत्व अवकाश में गयीं तो डेढ़ साल में भी वे वापस नहीं लौटकर आयीं.
ग्रामीण क्षेत्रों में पड़ रहा दुष्प्रभाव
इन 29 चिकित्सकों में एक डॉ रंजन सिन्हा वापस लौट आये हैं. डॉ रंजन सर्जन हैं. वे सदर अस्पताल में पदस्थापित थे. उनके न रहने से छोटी-मोटी सर्जरी भी सदर अस्पताल में प्रभावित हो जाती थी. एक अन्य चिकित्सक सामुएल अमन टोप्पो दोबारा दुमका आये हैं और नेत्र विशेषज्ञ के रूप में सदर अस्पताल में उनकी नियुक्ति हुई है. हालांकि उनके द्वारा अब तक योगदान नहीं किया गया है. वहीं सदर अस्पताल के मेडिकल आॅफिसर डॉ कुमार बागीश भी लंबे अरसे से छुट‍्टी पर चल रहे थे.
उनकी छुट‍्टी रद‍्द भी कर दी गयी थी. वहीं वे अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित चल रहे हैं. सदर अस्पताल के ही एमएस ऑर्थो डॉ संजीव कुमार राकेश व स्त्री रोग विशेषज्ञ लीना कुमारी भी लंबे समय से अनुपस्थित चल रही हैं. इन सभी को छोड़ प्राय: सभी ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में ही पदस्थापित थे.
2009 से अनुपस्थित डॉक्टरों पर कोई कार्रवाई नहीं
अमूमन किसी विभाग में कर्मी या पदाधिकारी अनाधिकृत रूप से महीने-दो महीने भी अनुपस्थित रहता है, तो उस पर तरह-तरह की कार्रवाई शुरू हो जाती है, पर स्वास्थ्य विभाग ऐसा है, जहां 2009 से डॉक्टर अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित बने हुए हैं और विभाग उन पर कोई कार्रवाई तक नहीं करता. कागज में तो उनका पदस्थापन रहता है, पर सेवा जनता को नहीं मिल पाती, जिसके लिए उन्हें नियुक्त किया गया होता है.
कौन कब से अनुपस्थित
1. डॉ संजीव कुमार राकेश, एमएस ऑर्थो, सदर अस्पताल, दुमका- 20 जुलाई 2016 से
2. डॉ लीना कुमारी, स्त्री रोग विशेषज्ञ, सदर अस्पताल- 23 जून 2016 से मातृत्व अवकाश लेकर
3. डॉ कुमार बागीश, चिकित्सा पदाधिकारी, सदर अस्पताल- 01 जून 2017 से लेकर अब तक
4. डॉ उमेश कुमार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रानीश्वर- 04 अप्रैल 2012 से अब तक
5. डॉ जितेंद्र कुमार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रानीश्वर-02 जून 2015 से अब तक
6. डॉ उत्तम कुमार मंडल, अति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बांसकुली-03 नवंबर 2009 से
7. डॉ रामसकल हांसदा, अति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बांसकुली-16 दिसंबर 2015 से
8. डॉ मो आसिफ अली हसन, अति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आमजोड़ा-29 अक्तूबर 2009 से
9. डॉ कमलेश्वर मरांडी, अति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आसनबनी-12 नवंबर 2013 से
10. डॉ मनीष रंजन, अति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आसनबनी- 3 नवंबर 2009 से
11. डॉ संदीप कुमार सिन्हा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, काठीकुंड- 18 मार्च 2017 से
12. डॉ प्रभात रंजन, अति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, नारगंज- 28 जून 2017 से
13. डॉ खेलाराम हेंब्रम, अति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आसनबनी- 3 नवंबर 2009 से
14. डॉ पैरिंता कुजूर, अति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आसनबनी-11 अप्रैल 2012
15. डॉ प्रवीण कुमार, अति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोहनपुर मसलिया- 11 जुलाई 2010 से
16. डॉ सन्नी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मसलिया- 20 दिसंबर 2015 से
17. डॉ महेंद्र कुमार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जरमुंडी- 1 जुलाई 2012 से
18. डॉ रत्नेश कुमार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जरमुंडी- 2 जुलाई 2013 से
19. डॉ संगीत कुमार, अति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तालझारी- 6 सितंबर 2012 से
20. डॉ प्रेरणा जे केरकेट‍्टा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामगढ़-16 मार्च 2012 से
21. डॉ नरेश कुमार मुंडा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामगढ़-4 जनवरी 2017 से
22. डॉ मंजू तिर्की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामगढ़-20 मई 2013 से
23. डॉ अमित कुमार गुप्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र,जामा-13 जुलाई 2014 से
24. डॉ एहरार हसन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जामा- 9 अप्रैल 2014 से
25. डॉ सोनू कुमार,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जामा- 29 जून 2012 से
26. डॉ मंजर ईमाम,अति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लक्ष्मीपुर- 29 जून 2012 से
27. डॉ स्वीकृति कुमारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शिकारीपाड़ा, 6 सितंबर 2016 से
तमाम चिकित्सक जो लंबे समय से सेवा नहीं दे रहे हैं और अनाधिकृत रूप से अवकाश पर बने हुए हैं, उन सबों का ब्योरा भेजा गया है. विभागीय स्तर से उनके खिलाफ प्रपत्र-क जैसी कार्रवाई होगी. पद पर बने रहते हुए अनाधिकृत रूप से अवकाश में रहने से पद को रिक्त भी नहीं माना जा सकता. इससे परेशानी तो होती ही है.
– डॉ जगत भूषण प्रसाद, सीएस, दुमका
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