खतरे में गांव का अस्तित्व, बदलें नीति

Updated at : 09 Oct 2017 1:52 PM (IST)
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खतरे में गांव का अस्तित्व, बदलें नीति

संविधान के अनुच्छेद 244 का किया जा रहा उल्लंघन कहा, सरकार शहर में शामिल कर जमीन का करेगी अतिक्रमण दुमका : ग्रामीणों ने सामाजिक स्वशासन व्यवस्था के तहत रामपुर गांव में मोड़े मांझी की बैठक कर रविवार को मुख्यमंत्री रघुवर दास एवं समाज कल्याण मंत्री डॉ लोइस मरांडी का पुतला दहन किया. ग्रामीणों का कहना […]

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संविधान के अनुच्छेद 244 का किया जा रहा उल्लंघन
कहा, सरकार शहर में शामिल कर जमीन का करेगी अतिक्रमण
दुमका : ग्रामीणों ने सामाजिक स्वशासन व्यवस्था के तहत रामपुर गांव में मोड़े मांझी की बैठक कर रविवार को मुख्यमंत्री रघुवर दास एवं समाज कल्याण मंत्री डॉ लोइस मरांडी का पुतला दहन किया.
ग्रामीणों का कहना था कि गांवों को शहर में मिलाये जाने के मुद‍्दे पर आपत्ति के बावजूद ग्रामीणों के हितों की अनदेखी कर रही है. ग्रामीणों ने सरकार के इस रवैये पर मांग का समर्थन व नहीं मानने पर राजनीतिक पार्टियों-नेताओं का राजनीतिक व सामाजिक बहिष्कार करने का एलान किया. ग्रामीणों ने कहा कि 42 गांवों को दुमका शहर के मास्टर प्लान के अनुरूप नगर परिषद‍ क्षेत्र में शामिल किया जाना उचित नहीं है. यह अनुसूचित क्षेत्र है और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 244 के तहत जनजातीय समुदाय की सुरक्षा एवं संरक्षण प्रदान करने के लिए इस क्षेत्र में विशेष प्रावधान किया गया है.
शहरीकरण के तहत अनुसूचित गांवों को मिलाने से यहां के ग्रामीणों को मिले कानूनी संरक्षण एवं सुरक्षा खत्म हो जायेगी. जिसके फलस्वरूप आदिवासी के साथ-साथ मूलवासियों, किसानों व गरीबों की जमीन का अतिक्रमण होगा. जिससे उनका अस्तित्व खतरे में होगा.
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