एसपीटी एक्ट पर राज्यपाल की भूमिका गलत
Updated at : 09 Jul 2017 5:42 AM (IST)
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संशोधन विधेयक लौटाये जाने के मामले पर बोले गोड्डा सांसद दुमका : एसपीटी एक्ट में संशोधन से संबंधित विधेयक को वापस लौटाये जाने के मामले में गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने राज्यपाल की भूमिका को गलत बताया है. श्री दुबे ने दुमका परिसदन में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्यपाल पूरे प्रदेश की राज्यपाल […]
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संशोधन विधेयक लौटाये जाने के मामले पर बोले गोड्डा सांसद
दुमका : एसपीटी एक्ट में संशोधन से संबंधित विधेयक को वापस लौटाये जाने के मामले में गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने राज्यपाल की भूमिका को गलत बताया है. श्री दुबे ने दुमका परिसदन में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्यपाल पूरे प्रदेश की राज्यपाल हैं. उन्हें एसपीटी एक्ट का अध्ययन करना चाहिए था कि यह किस आधार पर देश की आजादी के पूर्व बनाया गया था. रसेल कमेटी की सिफारिशों का जिक्र करते हुए निशिकांत ने कहा कि आदिवासियों के जमीन की भले ही खरीद-बिक्री का अधिकार किसी को न हो,
राज्यपाल की भूमिका…
लेकिन 74 प्रतिशत गैर आदिवासियों को उनका अधिकार रसेल की सिफारिश के अनुरूप मिलना ही चाहिए. सांसद ने कहा कि राज्यपाल से मिलने वाले जो आदिवासी नेतृत्व थे, वे सभी विपक्षी थे, जबकि सबसे अधिक आदिवासी विधायक-सांसद भाजपा के हैं, जिन्होंने उनसे इस संसोधन को लेकर किसी तरह की आपत्ति नहीं जतायी है.
भाजपा के किसी नेता ने उनसे जाकर यह नहीं कहा कि संशोधन नहीं होना चाहिए. रसेल कमेटी के सिफारिशों का राज्यपाल द्वारा अध्ययन किया गया होता तो गैर आदिवासियों की जमीन को लेकर निर्णय सामने जरूरत आता. श्री दुबे ने कहा कि गैर आदिवासियों को बसोवास का अधिक मिले, रोजगार मिले, विस्थापन-पलायन जैसी समस्या से निजात मिले, इसके लिए जरूरी है कि अब सरकार उस सिफारिश के अनुरूप आगे बढ़े. उन्होंने कहा कि सरकार इसे विधि आयोग को रेफर करे और राज्य सरकार उनकी रिपोर्ट के अनुसार इसमें संशोधन करे.
मधुपुर को जिला व जरमुंडी को अनुमंडल बनाने का करता हूं विरोध
जिला व जरमुंडी को अनुमंडल बनाने का विरोध करते हैं. उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक बाहुल्य कोई जिला अथवा राज्य बने, इस देश के लिए यह हितकर नहीं है. उदाहरण बंगाल के ही विभाजन को देखा जा सकता है. बंगाल विभाजित हुआ, फिर मिला, फिर अलग हुआ. पूर्वी और पश्चिमी पंजाब का भी विभाजन हुआ था, जिसके बाद एक देश बन गया पाकिस्तान. आज तक जम्मू-कश्मीर शांत नहीं हो पाया. जिन्होंने पाकुड़ को जिला बनाया था, वह जनसंख्या के आधार पर अल्पसंख्यक बाहुल्य जिला बन जायेगा, यह नहीं सोचा था. पाकुड़ बंगलादेश का कॉरिडोर बन चुका है. धुलियान के माध्यम से आज यह आतंक का रास्ता बन चुका है.
यही नहीं साइबर क्राइम का संतालपरगना बहुत बड़ा अड्डा बन चुका है. उन्होंने कहा कि आधार की वजह से काफी फर्जी पीडीएस कार्ड पकड़ में आये हैं, इनमें 10 से 15 प्रतिशत बंगला देशियों द्वारा बनवाये गये थे. श्री दूबे ने कहा कि पश्चिम बंगाल की सरकार अल्पसंख्यकवाद से ग्रसित है. इसलिए जगह-जगह घटनायें हो रही हैं और इसका असर पाकुड़ में भी पड़ रहा है.
केंद्र सरकार ने इन्हीं वजहों से गोड्डा में आइआरबी का नया बटालियन स्थापित करने का प्रयास शुरू किया है. पत्रकारों से बातचीत के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष निवास मंडल, सांसद प्रतिनिधि सीताराम पाठक, मधुपुर नगर पर्षद अध्यक्ष संजय यादव, अरुण गुटगुटिया, सुरेश मुर्मू आदि मौजूद थे.
कहा, राज्यपाल को एसपीटी एक्ट का अध्ययन करना चाहिए था कि यह कब बना
राज्य सरकार रसेल कमेटी की सिफारिशों को लेकर आगे बढ़े
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