ठेकेदार के घटिया कार्य की अनदेखी की भेंट चढ़ी जलापूर्ति योजना
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 06 May 2024 1:12 AM
14 करोड़ की लागत से बना तेलमोच्चो ग्रामीण जलापूर्ति योजना कांड्रा,तेलमोच्चो व लोहापट्टी पंचायत के मुखियों एवं इन पंचायतों के 20 हजार लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है.
महुदा. 14 करोड़ की लागत से बना तेलमोच्चो ग्रामीण जलापूर्ति योजना कांड्रा,तेलमोच्चो व लोहापट्टी पंचायत के मुखियों एवं इन पंचायतों के 20 हजार लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है.सच कहा जाय तो यह योजना पूरी तरह से ठेकेदार के घटिया कार्य व विभाग की अनदेखी का भेंट चढ़ गया.जब से यह योजना चालू हुआ तब से आज तक क्षेत्र में नियमित रूप से लगातार सप्ताहभर भी लोगों को पानी नहीं मिला.आये दिन कुछ न कुछ बिगड़ता रहता है.एक-एक महीना पानी बंद रहता है. वर्तमान में झुलसा देने वाली गर्मी व धूप,ऊपर से पानी के लीए हाहाकार,ऐसे में 20 हजार ग्रामीणों का हाल बुरा है. .इस जलापूर्ति योजना का सबसे अहम हिस्सा है नदी में निर्मित इंटेकवेल,जहां से पानी उठाकर ऊपर टंकी में भेजा जाता है और फिर वहां फिल्टर कर पाईपलाईन से जलापूर्ति किया जाता है.यह अहम हिस्सा इंटेकवेल ही ठेकेदार के द्वारा गलत जगह पर बना दिया गया है.नदी के पानी का सतह से दूर रहने के कारण वहां तक पानी पहुंचता ही नहीं है.वर्तमान में तो पानी इंटकवेल के अंदर घुस ही नहीं रहा है.इसके कारण मोटर पांच मिनट से ज्यादा चल ही नहीं रहा है.जैसे ही पानी समाप्त हो जाता है,मोटर स्वतः बंद हो जाता है.इधर चास जलापूर्ति योजना फेज-2 के बनने से लगभग पूरे नदी के धार को बोकारो की सीमा की ओर मोड़ दिया गया है.जिसके कारण पानी इंटेकवेल से और दूर चला गया है.तेलमोच्चो,कांड्रा व लोहापट्टी के मुखिया अपने निजी खर्च से पैसा लगाकर जेसीबी से नदी में ही नाला बनाकर कुछ पानी इंटेकवेल तक पहुंचाते रहे हैं.तभी जाकर एक-दो दिन थोड़ा बहुत पानी मिल पाता है.विभाग की ओर से कोई आर्थिक सहयोग भी नहीं हो रहा है.तीनों मुखियाओं ने कहा है कि इसके ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.इधर हाल ही में बाघमारा विधायक ढुलू महतो ने इस जलापूर्ति योजना के मुद्दे को विधानसभा में जोरदार ढंग से उठाया भी था.उस समय पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता(तकनीकि)मयंक कुमार भगत,कार्यपालक अभियंता(सिविल)ई भीखराम भगत,सहायक अभियंता (सिविल)जनार्दन प्रसाद सहित कई अधिकारी यहां जांच करने पहुंचे थे परंतु आज तक योजना ज्यों के त्यों है.ज्ञात हो यह योजना वर्ष 2014-15 का है.23 जनवरी 2015 को विधायक ढुलू महतो ने तत्कालीन मुखिया मीरा कुमारी,धनेश्वर महतो व छोटेलाल महतो की उपस्थिति में इसका शिलान्यास किया था. पूर्ण जीर्णोद्घार ही डसका विकल्प
सही मायने में सरकार यदि इस योजना से यहां की जनता को लाभ देना चाहती है,तो सक्रियता के साथ इस योजना का पूर्ण जीर्णोद्धार करना होगा.योजना को सफल बनाने के लिए इसे नये सिरे से धरातल पर उतारना होगा.यही इसका विकल्प है.क्या कहते है जनप्रतिनिधि
सरकार मेंटेनेंस की राशि दे : धनेश्वरकांड्रा पंचायत के पूर्व मुखिया धनेश्वर महतो ने कहा कि इसका संचालन के लिए मैंटेनेंस की राशि की ब्यवस्था जरूरी है.सरकार यह राशि दे तभी कर्मियों का भुगतान सहित अन्य कार्य संभव है.
तीनों पंचायत की मुखियागण परेशानतेलमोच्चो पंचायत की मुखिया मीरा कुमारी,कांड्रा मुखिया रिंकु देवी व लोहापट्टी मुखिया सुनिता देवी ने बताया कि वे इस योजना से परेशान हैं.लोग गांव के लोग शिकायत करते हैं कि उन्हें पानी चाहिए.इधर यह योजना है कि हमेशा खराब ही रहती है.पाकिट से पैसा खर्च कर कर के वे थक चुके है
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