Dhanbad News: टेंडर कुछ खास कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए तैयार किया गया : शारदा सिंह
Published by : MAYANK TIWARI Updated At : 07 Oct 2025 2:03 AM
Dhanbad News: शारदा सिंह ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन का प्री-बिड प्रोसेस अव्यवहारिक और भेदभावपूर्ण है. टेंडर 26 सितंबर को प्रकाशित हुआ और प्री-बिड मीटिंग अगले ही दिन रख दी गयी, जिसमें प्रतिभागियों से उत्पाद के नमूने लाने को कहा गया. इतने कम समय में कोई भी नया बोलीदाता तैयारी नहीं कर सकता, केवल वही कंपनियां भाग ले सकती हैं जिन्हें पहले से जानकारी थी.
जिला परिषद सह रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष शारदा सिंह ने सदर अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि समिति अध्यक्ष की जानकारी के बिना अस्पताल प्रबंधन द्वारा टेंडर जारी कर कुछ खास कंपनियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने उपायुक्त और स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. शारदा सिंह ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन का प्री-बिड प्रोसेस अव्यवहारिक और भेदभावपूर्ण है. टेंडर 26 सितंबर को प्रकाशित हुआ और प्री-बिड मीटिंग अगले ही दिन रख दी गयी, जिसमें प्रतिभागियों से उत्पाद के नमूने लाने को कहा गया. इतने कम समय में कोई भी नया बोलीदाता तैयारी नहीं कर सकता, केवल वही कंपनियां भाग ले सकती हैं जिन्हें पहले से जानकारी थी.
एनएबीसीबी प्रमाणपत्र मांगे जाने को भी बताया गलत
टेंडर में एनएबीसीबी प्रमाणित क्यूएमएस, इएमएस और एचओएंडएस प्रमाणपत्र की मांग की गयी है, जो बोली प्रकाशन तिथि से पूर्व जारी होना चाहिए, यह शर्त टेंडर के विषय से असंबंधित है और ऐसा प्रतीत होता है कि इसे जानबूझकर अधिकांश बोलीदाताओं को बाहर करने के लिए शामिल किया गया है. सरकार द्वारा कभी भी ऐसी कोई शर्त अधिसूचित नहीं की गयी है. एनएबीसीबी प्रमाणन प्रक्रिया में न्यूनतम तीन से चार महीने लगते हैं और इसे पूर्व-प्रभावी रूप से प्राप्त नहीं किया जा सकता. रिकॉर्ड बताते हैं कि वर्तमान में झारखंड में केवल तीन से चार कंपनियों के पास यह प्रमाणपत्र है और पिछले दो वर्षों से लगातार इन्हीं कंपनियों को टेंडर दिए जा रहे हैं, इससे टेंडर फिक्सिंग की गंभीर शंका उत्पन्न होती है.विशेष रूप से तैयार की गयी शर्तें प्रावधानों का कर रही हैं उल्लंघन
बोलीदाताओं ने कहा कि ये प्रतिबंधात्मक और विशेष रूप से तैयार की गयी शर्तें झारखंड सरकार की क्रय नीति की भावना और प्रावधानों का उल्लंघन करती हैं, जो पारदर्शिता, निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और सभी पात्र बोलीदाताओं को समान अवसर देने की बात करती हैं. यह स्पष्ट है कि यह टेंडर कुछ विशेष कंपनियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है, जिससे अन्य प्रतिभागियों को उचित अवसर से वंचित किया गया है और सरकार व जनता दोनों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाला गया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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