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Dhanbad News: ऑर्थोपेडिक कैलिपर्स का टेंडर रद्द, एजेंसी ने लौटायी राशि

Updated at : 04 Jan 2026 2:41 AM (IST)
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Dhanbad News: ऑर्थोपेडिक कैलिपर्स का टेंडर रद्द, एजेंसी ने लौटायी राशि

Dhanbad News: जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में माना, खरीद में हुई थी गड़बड़ी

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Dhanbad News:

विक्की प्रसाद, धनबाद.

जिले के स्वास्थ्य उपकेंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में बुजुर्गों के लिए सपोर्टिंग डिवाइस (ऑर्थोपेडिक कैलिपर्स) की खरीदारी में अनियमितता की बात सामने आने के बाद टेंडर रद्द कर दिया गया है. उपकरणों की सप्लाई करने रांची की एजेंसी मेसर्स ममता इंटरप्राइजेज ने स्वास्थ्य विभाग को राशि लौटा दी है. एजेंसी ने दो लाख 48 हजार 500 रुपये जिला स्वास्थ्य विभाग के खाते में भेज दी है.

प्रभात खबर ने 15 अगस्त को प्रकाशित की थी घोटाले की खबर :

प्रभात खबर ने 15 अगस्त 2025 के अंक में घोटाले से संबंधित खबर प्रकाशित की थी. इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी के निर्देश पर गठित पांच सदस्यीय समिति ने मामले की जांच की थी. समिति ने अपनी रिपोर्ट में ऑर्थोपेडिक कैलिपर्स के स्थान पर मापने वाला एलइडी डिस्प्ले वर्नियर कैलिपर खरीदने का उल्लेख किया था. यह बुजुर्गों के उपचार व सहारे के लिए पूरी तरह अनुपयुक्त है. समिति की रिपोर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग ने आपूर्तिकर्ता एजेंसी को सप्लाई किये गये एलइडी डिस्प्ले वर्नियर कैलिपर को वापस कर राशि विभाग के खाते में जमा कराने का निर्देश दिया था. राशि वापस करने के बाद एजेंसी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पत्र लिख सभी एलइडी डिस्प्ले वर्नियर कैलिपर्स को वापस करने का आग्रह किया है.

विधानसभा में उठा था मामला :

बताते चलें कि प्रभात खबर ने 15 अगस्त 2025 के अंक में घोटाले से संबंधित खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी. विधानसभा के शीतकालीन सत्र में धनबाद विधायक राज सिन्हा ने मामले को जोर-शोर से उठाया था. विभागीय मंत्री के निर्देश पर धनबाद के सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा ने पांच दिसंबर को जांच समिति गठित की. जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में खरीदारी में गड़बड़ी की पुष्टि की थी.

जांच में क्या :

जांच में यह बात सामने आयी थी कि खरीदारी की स्वीकृति मिलने से आठ दिन पहले ही एल वन कम्परेटिव शीट तैयार कर ली गयी थी.राज्य नोडल पदाधिकारी एनसीडी सेल के निर्देश पर 10 जुलाई 2024 को वृद्ध जनों के लिए वॉकिंग स्टिक, कैलिपर्स, इन्फ्रारेड लैंप, शोल्डर व्हील, पुली और वॉकर खरीदने की प्रक्रिया शुरू की गयी थी. हैरान करने वाली बात यह है कि जेम पोर्टल पर एल वन कंपरेटिव शीट तीन जुलाई 2024 को ही तैयार कर ली गयी थी, जबकि खरीदारी की स्वीकृति 11 जुलाई 2024 को मिली. यह प्रक्रिया सरकारी खरीद नियमों के स्पष्ट उल्लंघन को दर्शाती है. रिपोर्ट में यह गंभीर तथ्य रेखांकित किया गया था कि उपकरणों की आपूर्ति के बाद और भुगतान से पूर्व एनसीडी नोडल पदाधिकारी द्वारा किसी भी प्रकार का भौतिक सत्यापन या तकनीकी उपयुक्तता का प्रमाण संचिका में उपलब्ध नहीं है. बिना चिकित्सकीय सत्यापन के पैसे का भुगतान सवालों के घेरे में है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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MANOJ KUMAR

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MANOJ KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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