खनन से मिलने वाले हर 1 रुपये में 90 पैसे राज्यों के पास रहेंगे, BCCL ने बताया संशोधन का असर
कोयला भवन की फाइल फोटो
बीसीसीएल ने स्पष्ट किया कि खनन संशोधन विधेयक के बाद भी राज्यों को 90 प्रतिशत राजस्व मिलता रहेगा। जानें क्या है पूरी खबर और राज्यों को कैसे होगा फायदा।
खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर भारत कोकिंग कोल लिमिटेड ने अपना पक्ष जारी किया है. कंपनी के अनुसार प्रस्तावित संशोधन के बाद भी खनन से मिलने वाले हर एक रुपये में करीब 90 पैसे राज्यों के पास ही रहेंगे.
बीसीसीएल ने कहा कि विधेयक का उद्देश्य राज्यों के खनिज राजस्व को सुरक्षित रखने के साथ खनन क्षेत्र के लिए स्थिर और पूर्वानुमान योग्य कर व्यवस्था तैयार करना है. कंपनी के मुताबिक रॉयल्टी, नीलामी प्रीमियम, जिला खनिज फाउंडेशन में योगदान और राज्यों की जीएसटी हिस्सेदारी पहले की तरह जारी रहेगी. मौजूदा व्यवस्था में राज्यों को मिलने वाली आय में किसी तरह की कमी नहीं होगी.
2025-26 में राज्यों को मिला 1,14,549 करोड़ रु का रिकॉर्ड राजस्व
बीसीसीएल के बयान के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्यों को खनिजों से 1,14,549 करोड़ रु का राजस्व प्राप्त हुआ, जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है. कंपनी ने कहा कि पिछले एक दशक के दौरान खनिज उत्पादन से राज्यों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. प्रस्तावित एक समान और पूर्वानुमान योग्य कर ढांचा इस राजस्व वृद्धि को जारी रखने में मददगार होगा. इससे खनिज संपदा वाले राज्यों को नियमित और दीर्घकालिक राजस्व प्राप्त होने की संभावना रहेगी.
बालू, गिट्टी और ग्रेनाइट जैसे छोटे खनिज विधेयक के दायरे से बाहर
बीसीसीएल ने यह भी स्पष्ट किया कि एमएमडीआर संशोधन विधेयक, 2026 के दायरे से छोटे खनिजों को बाहर रखा गया है. बालू, गिट्टी, मिट्टी, ग्रेनाइट और संगमरमर जैसे छोटे खनिजों के लिए मौजूदा राज्य स्तरीय व्यवस्था पूर्ववत रहेगी. कंपनी का कहना है कि प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य खनिज क्षेत्र में कर व्यवस्था को अधिक स्थिर बनाना है, जबकि राज्यों के राजस्व हितों को सुरक्षित रखना भी इसके प्रमुख प्रावधानों में शामिल है.
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