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10 बच्चों के कुपोषण उपचार केंद्र छोड़ने के मामले में दो नर्सों को शोकॉज

Updated at : 04 May 2024 9:23 PM (IST)
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10 बच्चों के कुपोषण उपचार केंद्र छोड़ने के मामले में दो नर्सों को शोकॉज

सदर अस्पताल के नोडल पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित कमेटी ने शुरू की जांच

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धनबाद.

सदर अस्पताल स्थित कुपोषण उपचार केंद्र (एमटीसी) में भर्ती 10 बच्चों के रातों रात केंद्र छोड़ कर चले जाने के मामले की सदर अस्पताल के नोडल पदाधिकारी डॉ राजकुमार सिंह के नेतृत्व में कमेटी गठित कर जांच शुरू कर दी है. इस मामले में सदर अस्पताल के एमटीसी केंद्र में तैनात दो नर्सों को शोकॉज किया गया है. उन पर लगे आरोपों का लिखित जवाब मांगा गया है. सदर अस्पताल के नोडल पदाधिकारी डॉ राजकुमार सिंह ने कहा कि बच्चों को एमटीसी में भर्ती कराने वाली एजेंसी टाटा स्टील फाउंडेशन के प्रतिनिधियों का आरोप है कि केंद्र में बच्चों को फटा हुआ दूध परोसा जाता था. साथ ही नर्सों का बच्चों व उनके परिजनों के साथ व्यवहार गलत था. इसके अलावा अन्य आरोप भी लगाये गये हैं. एमटीसी में भर्ती बच्चों के परिजनों ने इन बातों की शिकायत पर फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने केंद्र में भर्ती बच्चों को डिस्चार्ज करा कर सभी को उनके घर पहुंचा दिया. डॉ कुमार ने कहा कि मामले में टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा लगाये गये आरोपों को भी सत्यापित किया जायेगा. जरूरत पड़ने पर एमटीसी में भर्ती सभी बच्चों के घर जाकर उनके परिजनों से पूछताछ की जायेगी.

रिपोर्ट संतोषजनक नहीं पाये जाने पर खुद करायेंगे जांच : सीएस –

सिविल सर्जन डॉ चंद्रभानु प्रतापन ने कहा कि टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा एमटीसी के नर्सों पर लगाए गए आरोप गंभीर हैं. सदर अस्पताल के नोडल से जांच रिपोर्ट मांगी गई है. अब तक जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी गयी है. रिपोर्ट संतोषजनक नहीं पाये जाने पर खुद इसकी जांच करायेंगे.

जाने क्या है मामला :

23 अप्रैल को टाटा स्टील फाउंडेशन ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों के रहने वाले 10 कुपोषित बच्चों को इलाज के लिए एमटीसी में भर्ती कराया था. एमटीसी का लाभ जिले के कुपोषित बच्चों को मिले, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने टाटा स्टील फाउंडेशन से संपर्क किया है. कुपोषित बच्चों को सदर अस्पताल स्थित केंद्र पहुंचाने की जिम्मेवारी टाटा स्टील फाउंडेशन की है. जबकि, बच्चों को सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार 15 दिनों तक केंद्र में भर्ती रख कर चिकित्सा सुविधा व पोषण युक्त खानपान मुहैया कराने का दायित्व अस्पताल प्रबंधन का है. जबकि, इस मामले में ऐसा नहीं हुआ. बच्चों को भर्ती कराने के 10 दिनों के अंदर नर्सों के बर्ताव व मिलने वाले भोजन पर सवाल खड़ा करते हुए बुधवार की रात टाटा स्टील फाउंडेशन ने सभी बच्चों को डिस्चार्ज करा कर उनके घर पहुंचा दिया. इससे पूर्व संस्था ने एमटीसी के नर्सों द्वारा बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार करने व उचित भोजन मुहैया नहीं कराने की लिखित शिकायत अस्पताल प्रबंधन से की है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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