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दामोदर व बराकर के घाटों से जारी है ‘सफेद’ बालू का काला धंधा

Updated at : 30 Mar 2024 12:38 AM (IST)
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दामोदर व बराकर के घाटों से जारी है ‘सफेद’ बालू का काला धंधा

बराकर और दामोदर के घाटों से बालू का अवैध कारोबार है जारी.

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निरसा. एनजीटी की रोक के बावजूद बालू तस्करी पूरे निरसा पुलिस अनुमंडल क्षेत्र में भयंकर रूप से जारी है. प्रतिदिन 200- 300 ट्रैक्टर, 100 ट्रक एवं हाइवा के माध्यम से यह तस्करी रात में ही नहीं, दिन के उजाले में भी जारी है. निरसा थाना क्षेत्र की बराकर नदी के किनारे पांड्रा बेजड़ा, मोराडीह, पोलकेरा, लोयाडीह, सिजुआ नदी घाट से यह तस्करी जारी है. दिन के उजाले से ही जेसीबी के माध्यम से ट्रैक्टर, ट्रक एवं हाइवा के माध्यम से बालू लोड किया जाता है. बीच नदी से आसपास के गांव के ग्रामीण नाव से बालू उठाते हैं. इसके बाद इसे घाट में डंप किया जाता है. नदी घाट से बालू को जेसीबी के माध्यम से लोड कर बड़े वाहनों से गंतव्य तक भेजा जाता है. सुबह से शाम तक ट्रैक्टर, ट्रक एवं 407 में बालू लोड होता है, जबकि रात को हाइवा एवं 12- 16 चक्का ट्रक में लोड करवाया जाता है. इस क्षेत्र में एक दर्जन स्थानों पर जगह-जगह बालू डंप कर रखा गया है.

पंचेत, मैथन एवं कालूबथान बना हुआ है सेफ जोन

बालू तस्करों का सबसे ज्यादा सेफ जोन मैथन, पंचेत एवं कालूबथान क्षेत्र बना हुआ है. प्रतिदिन करीब 100 ट्रैक्टर बालू मैथन में बराकर नदी के किनारे विभिन्न नदी घाटों एवं पंचेत में दामोदर के विभिन्न नदी घाटों से लोड करवाया जाता है. मैथन क्षेत्र में बालू को चिरकुंडा, कुमारधूबी, गलफरबाड़ी तक बेचा जाता है. वहीं दामोदर किनारे पंचेत के विभिन्न नदी घाटों से लोड होने वाले बालू को पंचेत, कालूबथान के अलावा सिंदरी, बलियापुर, गोविंदपुर तक भेजा जाता है.

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