धनबाद के जामाडोबा डिग्री कॉलेज से उत्पादित ऑर्गेनिक सब्जियों का स्वाद चखेंगे लालमुनी वृद्धाश्रम के बुजुर्ग

Updated at : 07 Apr 2024 10:19 PM (IST)
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जामाडोबा डिग्री कॉलेज में की जा रही जैविक खेती

जामाडोबा डिग्री कॉलेज में की जा रही जैविक खेती

लालमुनी वृद्धाश्रम के बुजुर्ग अब धनबाद के जामाडोबा डिग्री कॉलेज से उत्पादित ऑर्गेनिक सब्जियों का स्वाद चखेंगे. सामुदायिक सेवा के तहत डिग्री कॉलेज में यह विशेष पहल शुरू की गयी है.

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धनबाद, अशोक कुमार: धनबाद के बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के अंगीभूत जामाडोबा डिग्री कॉलेज के छात्रों ने ऑर्गेनिक सब्जियों की खेती शुरू की है. पहली फसल मई तक तैयार हो जायेगी. इन सब्जियों का स्वाद लालमुनी वृद्धाश्रम के बुजुर्ग चखेंगे. कम्युनिटी सर्विस के तहत डिग्री कॉलेज में यह विशेष पहल शुरू की गयी है. प्राचार्य डॉ आरपी सिंह ने बताया कि छात्रों ने कॉलेज परिसर में ही सब्जी की सामुदायिक खेती शुरू की है. यहां से उत्पादित सब्जियां वृद्धाश्रम को नि:शुल्क दी जायेगी. कॉलेज प्रबंधन की इस पहल की तारीफ विश्वविद्यालय स्तर पर हो रही है. डिग्री कॉलेज में फिलहाल गर्मी में उगने वाली छह तरह की सब्जियां रोपी गयी हैं. इनमें नेनुआ, बरबटी, साग, बैंगन, भिंडी और कद्दू शामिल है. खेती में स्थानीय सब्जी उत्पादक भी छात्रों को नि:शुल्क मदद कर रहे हैं. इन्हीं की देखरेख में छात्रों ने क्यारी तैयार कर बीज डाला है. खेती में जैविक खाद का इस्तेमाल किया जा रहा है. सिंचाई के लिए कॉलेज से पानी लिया जाता है. पहली फसल मई में आनी शुरू हो जायेगी.

30 डिसमिल जमीन पर उगाई जा रहीं सब्जियां
डिग्री कॉलेज का पूरा परिसर 19 एकड़ में फैला हुआ है. प्राचार्य प्रो आरपी सिंह बताते हैं कि अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर करीब 30 डिसमिल जमीन पर सब्जी की खेती शुरू की गयी है. प्रोजेक्ट सफल होने पर दूसरी सामुदायिक सेवा शुरू की जायेगी. उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट शुरू करने का मुख्य उद्देश्य छात्रों को देश और समाज के प्रति जिम्मेवार नागरिक बनाना है. वह अपने इस उद्देश्य में काफी हद तक सफल रहे हैं. जब उन्होंने प्रोजेक्ट शुरू करने का प्रस्ताव छात्रों के समक्ष रखा, तो काफी संख्या में छात्र खुद आगे आये और इससे जुड़ने की इच्छा जतायी.

पिछले साल अस्तित्व में आया था डिग्री कॉलेज
जामाडोबा डिग्री कॉलेज बीबीएमकेयू का अंगीभूत कॉलेज है. अभी यहां स्नातक स्तरीय कोर्स की पढ़ाई होती है. 2023 में यूजी के पहले बैच के लिए नामांकन हुआ था. कॉलेज में करीब 650 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं.

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कॉलेजों में होनी है सामुदायिक सेवा की शुरुआत
बीबीएमकेयू के कुलपति प्रो पवन कुमार पोद्दार ने कहा कि नयी शिक्षा नीति के तहत कॉलेजों में सामुदायिक सेवा की शुरुआत होनी है. यह सिलेबस का हिस्सा है. इस तरह के प्रोजेक्ट विवि के अन्य कॉलेजों में शुरू करने के प्रयास किये जायेंगे.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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