धनबाद के केंदुआडीह में जल्द बनेगी भू-धंसान प्रभावित रोड, बनाया जा रहा एक्शन प्लान

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धनबाद में बैठक करते पदाधिकारी. फोटो: प्रभात खबर

धनबाद में बैठक करते पदाधिकारी. फोटो: प्रभात खबर

Dhanbad News: धनबाद के केंदुआडीह भू-धंसान प्रभावित सड़क की वैज्ञानिक जांच आईआईटी-आईएसएम, सिंफर, सीएमपीडीआई और डीजीएमएस की संयुक्त टीम करेगी. जिला प्रशासन और बीसीसीएल मिलकर खुदाई कराएंगे. विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद ही सड़क खोलने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.

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धनबाद से शोभित रंजन की रिपोर्ट

Dhanbad News: धनबाद के केंदुआडीह क्षेत्र में हाल ही में हुए भू-धंसान के कारण बंद पड़ी सड़क को दोबारा सुरक्षित तरीके से शुरू कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है. मंगलवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त आदित्य रंजन की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सड़क की वर्तमान स्थिति, संभावित खतरे और आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत चर्चा हुई. बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों ने इस बात पर सहमति जताई कि सड़क को जल्द चालू किया जाना चाहिए, लेकिन किसी भी कीमत पर सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा.

बीसीसीएल के अध्यक्ष ने रखा अपना पक्ष

बैठक के दौरान ऑनलाइन माध्यम से जुड़े बीसीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने भी कंपनी का पक्ष रखते हुए कहा कि इस मामले में ऐसा माहौल बनाया जा रहा है. मानो हर समस्या के लिए केवल बीसीसीएल ही जिम्मेदार हो, जबकि धनबाद की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और हजारों लोगों के रोजगार में कंपनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. उन्होंने जिला प्रशासन और विशेषज्ञ संस्थानों के साथ मिलकर हर जरूरी कदम उठाने का भरोसा दिया.

विशेषज्ञ संस्थानों की संयुक्त टीम करेगी वैज्ञानिक जांच

बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय यह लिया गया कि आईआईटी-आईएसएम, केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान (सिंफर), केंद्रीय खान योजना एवं डिजाइन संस्थान (सीएमपीडीआई) तथा खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस) के विशेषज्ञों की संयुक्त टीम प्रभावित स्थल का निरीक्षण करेगी. यह टीम सड़क के नीचे की वास्तविक स्थिति, संभावित भू-धंसान, भूमिगत खाली स्थान और गैस रिसाव जैसी परिस्थितियों का वैज्ञानिक परीक्षण करेगी. विशेषज्ञों की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर ही सड़क को दोबारा चालू करने या अन्य आवश्यक उपायों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.

जिला प्रशासन और बीसीसीएल मिलकर कराएंगे खुदाई

बैठक में यह भी तय किया गया कि जिला प्रशासन और बीसीसीएल संयुक्त रूप से स्थानीय ठेकेदार के माध्यम से सड़क की खुदाई कराएंगे. यह कार्य विशेषज्ञों की निगरानी में किया जाएगा. खुदाई के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि सड़क के नीचे किसी प्रकार का खोखलापन, आगे भू-धंसान की आशंका या गैस रिसाव तो मौजूद नहीं है. यदि जांच में कोई खतरा सामने नहीं आता है, तो सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सड़क को आम लोगों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा.

उपायुक्त बोले, सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि केंदुआडीह की यह सड़क क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. इसके बंद रहने से लोगों को रोजाना लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य सड़क को जल्द शुरू कराना है, लेकिन लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसलिए किसी भी प्रकार का निर्णय विशेषज्ञ संस्थानों की वैज्ञानिक रिपोर्ट के आधार पर ही लिया जाएगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी एजेंसियों के समन्वय से जल्द समाधान निकाला जाएगा.

सांसद ढुलू महतो ने उठाया जनता की परेशानी का मुद्दा

धनबाद सांसद ढुलू महतो ने बैठक में कहा कि सड़क बंद रहने से हजारों लोगों को प्रतिदिन भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और आम नागरिकों को वैकल्पिक मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है. उन्होंने सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों से समन्वय बनाकर शीघ्र समाधान निकालने की अपील की, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके.

विधायक राज सिन्हा ने सुरक्षा पर दिया जोर

धनबाद विधायक राज सिन्हा ने कहा कि सड़क को जल्द खोलना आवश्यक है, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे. उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ संस्थानों की रिपोर्ट के आधार पर सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय पूरे किए जाएं और पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही सड़क को आम जनता के लिए खोला जाए.

अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी रखे अपने सुझाव

निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि सड़क खोलने से पहले वैज्ञानिक जांच पूरी तरह जरूरी है. भविष्य में किसी भी प्रकार के भू-धंसान या दुर्घटना की संभावना को समाप्त करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए. सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने कहा कि यह सड़क पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा है. लंबे समय से लोगों को वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करना पड़ रहा है. विशेषज्ञों की रिपोर्ट आने के बाद जल्द निर्णय लेकर लोगों को राहत दी जानी चाहिए.

झरिया और लोदना में हजारों लोग प्रभावित

झरिया विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि सड़क बंद रहने का असर केवल केंदुआडीह तक सीमित नहीं है, बल्कि झरिया और लोदना क्षेत्र के हजारों लोग भी प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि जनहित और सुरक्षा दोनों को समान महत्व देते हुए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें. जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह ने भी प्रशासन और बीसीसीएल से त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की परेशानियों को देखते हुए जल्द समाधान निकालना आवश्यक है.

बीसीसीएल सीएमडी ने रखा कंपनी का पक्ष

बैठक के दौरान ऑनलाइन जुड़े बीसीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने कहा कि केंदुआडीह सड़क मामले में केवल बीसीसीएल को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि धनबाद की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और रोजगार में कंपनी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि बीसीसीएल हमेशा जनहित और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है. इस मामले में भी कंपनी जिला प्रशासन, आईआईटी-आईएसएम, सिंफर, सीएमपीडीआई और डीजीएमएस जैसे विशेषज्ञ संस्थानों के साथ मिलकर हर आवश्यक कार्रवाई में पूरा सहयोग करेगी. उन्होंने कहा कि सड़क को दोबारा चालू करने में किसी प्रकार की जल्दबाजी नहीं की जाएगी. वैज्ञानिक जांच पूरी होने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा. यदि जांच में किसी प्रकार का खतरा नहीं मिलता है, तो सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सड़क को आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा.

बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय

  • आईआईटी-आईएसएम, सिंफर, सीएमपीडीआई और डीजीएमएस की संयुक्त विशेषज्ञ टीम प्रभावित स्थल का वैज्ञानिक निरीक्षण करेगी.
  • जिला प्रशासन और बीसीसीएल मिलकर स्थानीय ठेकेदार के माध्यम से सड़क की खुदाई कराएंगे.
  • सड़क के नीचे भू-धंसान और संभावित गैस रिसाव की विस्तृत जांच की जाएगी.
  • विशेषज्ञों की रिपोर्ट मिलने के बाद ही सड़क को दोबारा चालू करने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.
  • पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा.

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बैठक में ये रहे मौजूद

बैठक में धनबाद सांसद ढुलू महतो, धनबाद विधायक राज सिन्हा, निरसा विधायक अरूप चटर्जी, सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो, झरिया विधायक रागिनी सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, जिला प्रशासन, बीसीसीएल, सिंफर तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे. सभी ने एक स्वर में कहा कि जनता को राहत देना जरूरी है, लेकिन यह कार्य पूरी वैज्ञानिक जांच और सुरक्षा मानकों के अनुपालन के बाद ही किया जाएगा.

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Kumarvishwat Sen

लेखक के बारे में

By Kumarvishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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