Dhanbad News: महिला उत्पीड़न के केस गिरिडीह में सबसे ज्यादा<bha>;</bha> रांची दूसरे और गढ़वा तीसरे नंबर पर
Published by : MAYANK TIWARI Updated At : 02 Dec 2025 1:24 AM
Dhanbad News: झारखंड में महिला सुरक्षा को लेकर जारी चुनौतियों के बीच एक बार फिर चिंताजनक तस्वीर सामने आयी है. प्रदेश में एक जनवरी से 28 नवंबर 2025 तक दर्ज आंकड़ों के अनुसार महिला उत्पीड़न के सबसे अधिक मामले गिरिडीह जिले में आये हैं. इस लिस्ट में रांची दूसरे स्थान पर जबकि गढ़वा तीसरे नंबर पर है. वहीं धनबाद में इस अवधि में 155 महिला उत्पीड़न के मामले दर्ज किए गये हैं. जो सामाजिक तंत्र और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करते हैं.
झारखंड पुलिस के रिकॉर्ड्स बताते हैं कि एक जनवरी से 28 नवंबर 2025 तक सबसे ज्यादा महिला उत्पीड़न के मामले गिरिडीह में दर्ज किये गये हैं. इसमें गिरिडीह में 212 मामले जबकि रांची में 208 मामले, गढ़वा में 164 और धनबाद में 155 मामले दर्ज किये गये हैं. इसके अलावा सबसे कम मामला खुंटी जिला में दर्ज किया गया है. खुंटी में 11 माह के दौरान 19 मामले दर्ज हुए हैं. वहीं पलामू 133, साहेबगंज 132, गोड्डा 109, हजारीबाग 100, जमशेदपुर 97, लातेहार 93, बोकारो 91, गुमला 89, देवघर 85, चतरा 82, चाइबासा 80, जामताड़ा 71, सिमडेगा 66, दुमका 62, कोडरमा 51, पाकुड़ 48, रामगढ़ 46, लोहरदगा 44, सरायकेला 31 मिलाकर 24 जिला में इस दौरान कुल 2268 मामले महिला उत्पीड़न के खिलाफ दर्ज हैं.
महिलाओं के प्रति सभी तरह के अपराध शामिल
पुलिस ने बताया कि महिला उत्पीड़न में दर्ज मामलों में कई अलग-अलग मामले हैं. इसमें महिलाओं, बच्चियों और युवतियों से जुड़े सभी मामले हैं. इनमें दुष्कर्म, पोक्सो, छेड़खानी के भी मामले शामिल हैं. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं, बच्चियों और युवतियों के साथ छेड़खानी की घटनाएं बढ़ी हैं.78 प्रतिशत मामले में चार्जशीट दायर
झारखंड पुलिस का आंकड़ा बताता है कि 11 माह में पूरे राज्य में 2268 मामले दर्ज किये गये हैं. इनमें 1784 मामलों में कोर्ट में चार्जशीट दायर हो चुका है. पूरे राज्य में 78 प्रतिशत डिस्पोजल रेट है जबकि धनबाद में 90 प्रतिशत डिस्पोजल हो चुका है.
जिले में घटी महिला उत्पीड़न की कुछ गंभीर घटनाएं
1.12 सिंतबर को धनसार थाना क्षेत्र में रहने वाली पांच साल की बच्ची के साथ तीन नाबालिग बच्चों का दुष्कर्म का मामला आया2. छह जून को सरायढेला थाना में एक युवती ने अपने ही पिता पर कई सालों से दुष्कर्म का आरोप लगाया
3. 14 अप्रैल को झरिया में मॉर्निंग वॉक कर रही महिलाओं के साथ छेड़खानी4. तीन जुलाई को भौरा में नाबालिग बच्ची के साथ छेड़खानी
क्या कहती हैं महिला थाना
प्रभारी
महिला उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए समाज के लोगों को आगे आना होगा, इसके साथ ही कुछ लोग वोलेंटियर के रूप में काम करें, जो लोगों, महिलाओं व स्कूल कॉलेज जाकर उन्हें कानून की जानकारी दे. इसके परिणाम को बतायें. इसके साथ ही संयुक्त परिवार के परिचालन से महिला उत्पीडन के मामलों को रोका जा सकता है. – मीनू कुमारी, महिला थाना प्रभारी, धनबाद
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