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Dhanbad News: केंदुआडीह के गैस प्रभावित इलाके की ड्रोन कैमरे और थर्मल स्कैनर से जांच

Updated at : 12 Dec 2025 1:24 AM (IST)
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Dhanbad News: केंदुआडीह के गैस प्रभावित इलाके की ड्रोन कैमरे और थर्मल स्कैनर से जांच

सीएमपीडीआइ व अन्य एजेंसियों के विशेषज्ञों ने प्रभावित क्षेत्र से एकत्रित किया डेटा

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केंदुआडीह में गैस रिसाव की रोकथाम के लिए जांच प्रक्रिया गुरुवार को भी जारी रही. रांची से आयी सीएमपीडीआइ की विशेषज्ञ टीम ने प्रभावित इलाके का ड्रोन कैमरे व थर्मल स्कैनर से बारीकी से निरीक्षण किया. टीम में भूविज्ञान विभाग के मैनेजर भुवनेश कुमार गुप्ता व अन्य विशेषज्ञ शामिल हैं. टीम ने गैस रिसाव के चिह्नित स्थानों पर जमीन के बाहरी और आंतरिक परिवर्तनों से जुड़े महत्वपूर्ण तकनीकी डेटा एकत्रित किये. विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य तापमान लगभग 22 डिग्री होता है. यदि किसी स्थान पर इससे अधिक तापमान मिलता है, तो वहां गैस रिसाव की संभावना मानी जायेगी. टीम ने बताया कि माप-जोख की यह प्रक्रिया दोहराई जायेगी, ताकि डेटा का मिलान कर सटीक रिपोर्ट तैयार की जा सके. गैस प्रभावित क्षेत्र में ड्रिलिंग के लिए भेजी गयी टीम केंदुआडीह थाना के पास चिल्ड्रन पार्क परिसर पहुंच चुकी है. हालांकि ड्रिलिंग शुरू करने से पहले वैज्ञानिकों और संबंधित एजेंसियों के अंतिम निर्देश की प्रतीक्षा की जा रही है.

विशेषज्ञों ने कहा : बेहद खतरनाक है कार्बन मोनोऑक्साइड, सावधानी बरतें

राहत शिविर में मौजूद वैज्ञानिकों में एन सहाय, प्रो. साहू आदि ने बताया कि कार्बन मोनोऑक्साइड अत्यंत विषैली गैस है. उन्होंने लोगों को जागरूक करते हुए इस गैस के विभिन्न स्तरों का मानव जीवन पर होने वाले असर की जानकारी दी. वैज्ञानिकों ने लोगों से सावधानी बरतने तथा अनावश्यक रूप से प्रभावित क्षेत्र में न जाने की अपील की. गैस रिसाव के नौवें दिन गुरुवार को भी इलाके में गैस की तेज गंध महसूस की गयी. जानकारी के अनुसार, गैस का स्तर अभी भी सामान्य से काफी अधिक है.

माॅनिटरिंग में जुटी हैं कई एजेंसियां

गैस रिसाव की मॉनिटरिंग और सैंपल कलेक्शन में कई एजेंसियां जुटी हैं. इनमें डीजीएमएस धनबाद, पीएमआरसी, सिंफर, आइआइटी आइएसएम, सीएमपीडीआइ आदि शामिल हैं. बीसीसीएल की माइंस रेस्क्यू टीम भी तीनों शिफ्ट में तैनात है. मौके पर पीबी एरिया के जीएम जीके मेहता, जीसी साहा, एजीएम एन राय, एपीएम अभिषेक राय, गोपालीचक पीओ एलएल बरनवाल आदि मौजूद थे. गैस का स्तर मानव पर पड़ने वाला असर

12,800 पीपीएम : 1-3 मिनट में बेहोशी, मृत्यु की आशंका

6,400 पीपीएम : 1-2 मिनट में बेहोशी के लक्षण

3,200 पीपीएम : 5-10 मिनट में सिरदर्द, चक्कर, फिर बेहोशी

1,500 पीपीएम : 20 मिनट में सिरदर्द, मतली, दो घंटे में बेहोशी व मृत्यु की संभावना

800 पीपीएम : 45 मिनट में सिरदर्द, चक्कर, दो घंटे में खतरे की स्थिति

400 पीपीएम : 1-2 घंटे में सिरदर्द, तीन घंटे में जानलेवा

200 पीपीएम : 2-3 घंटे में सिरदर्द की शुरुआत

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ASHOK KUMAR

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By ASHOK KUMAR

ASHOK KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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