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सदर अस्पताल के महिला वार्ड में बेड पर आराम करते मिले पुरुष, दुर्गंध के बीच हो रहा मरीजों का इलाज

Updated at : 08 Jul 2025 7:50 PM (IST)
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Dhanbad Sadar Hospital News

सदर अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान व्यवस्था देख भड़कीं जिला परिषद अध्यक्ष. फोटो : प्रभात खबर

Dhanbad Sadar Hospital News: धनबाद के सदर अस्पताल का जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह ने औचक निरीक्षण किया. इस दौरान महिला वार्ड में बेड पर पुरुष आराम करते दिखे. जिला परिषद ने इसके लिए अस्पताल के उपाधीक्षक को फटकार लगायी और पुरुषों को महिला वार्ड से बाहर निकलवाया. निरीक्षण के दौरान और क्या-क्या हुआ, यहां पढ़ें.

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Dhanbad Sadar Hospital News: धनबाद जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह मंगलवार को औचक निरीक्षण के लिए सदर अस्पताल पहुंचीं. इस दौरान महिला वार्ड में बेड पर पुरुष आराम करते मिले. वार्ड के चारों ओर गंदगी फैली थी. उपकरणों के ऊपर मरीज के परिजनों के कपड़े और झोला रखे थे. इस पर जिप अध्यक्ष ने सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ संजीव कुमार प्रसाद को फटकार लगायी.

महिला वार्ड में पुरुषों के प्रवेश पर पूर्ण रोक का निर्देश

इसके बाद महिला वार्ड के बेड पर आराम कर रहे पुरुषों को बाहर निकाला गया. जिप अध्यक्ष ने महिला वार्ड में पुरुषों के प्रवेश पर पूर्ण रूप से रोक लगाने का निर्देश दिया. वार्ड से ही सिविल सर्जन को फोन किया और अस्पताल के विभिन्न वार्डों में फैली अव्यवस्था की जानकारी दी. अव्यवस्था को अविलंब दुरुस्त करने का निर्देश दिया.

  • सदर अस्पताल में अव्यवस्था और गंदगी देख भड़कीं जिला परिषद अध्यक्ष
  • औचक निरीक्षण को सदर अस्पताल पहुंची जिप अध्यक्ष शारदा सिंह
  • सीएस व उपाधीक्षक को व्यवस्था में अविलंब सुधार का दिया निर्देश

वार्डों में फैली थी गंदगी, जगह-जगह गिरा मिला जूठा खाना

निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर समेत विभिन्न वार्डों में गंदगी फैली थी. परिसर में जगह-जगह मरीजों का जूठा खाना गिरा था. सही तरीके से सफाई नहीं होने के कारण अस्पताल परिसर में दुर्गंध फैली हुई थी. दुर्गंध के बीच वार्डों में मरीजों का इलाज चल रहा था. इस पर जिप अध्यक्ष ने उपाधीक्षक को फटकार लगायी.

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मरीजों के बेड पर नहीं थे चादर

निरीक्षण के दौरान विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों के बेड पर चादर नहीं मिले. कुछ बेड पर चादर बिछी थी, लेकिन सभी गंदे थे. इस संबंध में पूछने पर उपाधीक्षक ने चुप्पी साध ली. जिप अध्यक्ष ने सभी मरीजों के बेड पर साफ चादर मुहैया कराने का निर्देश दिया.

निरीक्षण के दौरान घोर लापरवाही की बात सामने आयी है. गंदगी को लेकर सीएस से पूछने पर उनके द्वारा बताया गया कि ब्लीचिंग पाउडर और फिनाइल की खरीदारी अब तक नहीं हुई है. सीएस का यह बयान प्रशासनिक असंवेदनशीलता को दर्शाता है. किसी भी कीमत पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.

शारदा सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष

नहीं होती सफाई, एक बार आते हैं चिकित्सक – मरीज

निरीक्षण के दौरान जिप अध्यक्ष शारदा सिंह ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों से बात कर व्यवस्था के बारे में जानकारी ली. मरीजों ने उन्हें बताया कि एक वक्त ही अस्पताल में सफाई होती है. सफाई के दौरान फिनाइल का इस्तेमाल भी नहीं किया जाता है. चिकित्सक भी सिर्फ एक बार ही आते हैं. स्वास्थ्य कर्मियों से शिकायत करने पर भी वह नहीं सुनते.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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