Dhanbad News: बीसीसीएल व 50 संवेदकों को श्रम सेस बकाये का नोटिस

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Dhanbad News: बीसीसीएल व 50 संवेदकों को श्रम सेस बकाये का नोटिस

Dhanbad News: ऑडिट में हुआ खुलासा, तो श्रम विभाग ने की कार्रवाई, कंपनी सहित 180 संवेदकों पर श्रम विभाग का बकाया है 4.25 करोड़ रुपये, पैसे नहीं जमा करने पर सर्टिफिकेट केस दायर की चेतावनी.

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धनबाद, श्रम सेस बकाया की वसूली को लेकर श्रम विभाग ने तेजी लायी है. इसी क्रम में झारखंड भवन व अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत देय श्रम उपकर राशि की वसूली को लेकर श्रम विभाग ने बीसीसीएल के सीएमडी व 50 संवेदक फर्मों को विभाग ने नोटिस जारी किया है. इस संबंध में शुक्रवार को सहायक श्रमायुक्त-सह-उपकर निर्धारण पदाधिकारी, धनबाद प्रवीण कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से श्रमिकों के हित में इस्तेमाल होने वाली सेसकर की राशि को वसूल कर श्रमिकों के लिए काम किया जाना है. इसी को लेकर विभाग की ओर से लगातार ऑडिट किया जा रहा है. इसी क्रम में बीसीसीएल व उनके 180 संवेदक कंपनी सामने आए है. सभी पर उनके निर्माण के ऑडिट करने के बाद एक प्रतिशत राशि के हिसाब से कुल 4.25 करोड़ का बकाया है. इसमें से पहले चरण 50 संवेदकों को नोटिस जारी किया गया है. वहीं बाकी के संवेदकों को नोटिस देने की प्रक्रिया जारी है. उन्होंने बताया कि संवेदकों को बीसीसीएल द्वारा टेंडर दिया गया था. संवेदकों द्वारा भवन, सड़क, क्वाटर सहित अन्य निर्माण कार्य किया गया था. विभाग ने यह कार्रवाई भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम, 1996 के तहत पारित आदेशों के अनुपालन में विफल रहने पर की गयी है.

सर्टिफिकेट केस के बाद दो प्रतिशत ब्याज के साथ होगी वसूली

एएलसी ने बताया कि कंपनी व संवेदक अगर नोटिस के बाद भी निर्धारित समय के भीतर राशि जमा नहीं करने पर संबंधित पक्ष के खिलाफ सर्टिफिकेट केस दायर किया जाएगा. इसके बाद बकाया रकम पर हर माह दो प्रतिशत की दर से ब्याज भी लगातार जुड़ता रहेगा, जिससे देनदारी और बढ़ जाएगी.

श्रमिक कल्याण योजनाओं से जुड़ा है श्रम उपकर

एएलसी श्री कुमार ने बताया कि श्रम उपकर की राशि झारखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के माध्यम से निबंधित निर्माण श्रमिकों के कल्याण पर खर्च की जाती है. किसी भी कंपनी व संवेदक द्वारा उनके निर्माण कार्य का एक प्रतिशत उनके द्वारा विभाग को श्रम सेस के रूप में जमा करनी होती है. इससे निर्माण श्रमिक सेफ्टी किट योजना, औजार सहायता योजना, मेधावी छात्रवृत्ति, मृत्यु-दुर्घटना सहायता, चिकित्सा सहायता एवं प्रतिपूर्ति, विवाह एवं अंत्येष्टि सहायता, पेंशन, नि:शक्तता व पारिवारिक पेंशन जैसी योजनाओं का संचालन किया जाता है. वहीं असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत भी श्रमिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलता है.

कंपनी व दो संवेदकों पर दर्ज हुआ था सर्टिफिकेट केस : बता दें कि श्रम विभाग की ओर से जनवरी माह में बीसीसीएल व उनके संवेदक एम/एस यूनिटी-वीसीएल (जेवी) पर 4080 माइनर्स क्वार्टर के निर्माण कार्य करने पर 3,31,128.16 रुपये व एम/एस यूनिटी-केसीपीएल (जेवी) पर 4020 माइनर्स क्वार्टर के निर्माण कार्य कराने पर 2,86,79,791 रुपये बकाया को वसूलने के लिए सर्टिफिकेट केस दायर किया गया था.

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Anand Kumar Upadhyay

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