Dhanbad News: शरीर में कील चुभाे कर भगवान शिव को समर्पित की भक्ति

Published by :ASHOK KUMAR
Published at :16 Apr 2026 2:28 AM (IST)
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Dhanbad News: शरीर में कील चुभाे कर भगवान शिव को समर्पित की भक्ति

भोक्ता पूजा. हर-हर महादेव के जयकारे से गूंजी मनईटांड़ बस्ती

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मनईटांड़ बस्ती में बुधवार को चड़क पूजा सह भोक्ता पूजा का भव्य आयोजन किया गया. इस मौके पर 354 श्रद्धालुओं ने अपनी पीठ, जीभ और गाल में कील व त्रिशूल धारण कर भोक्ता खूंटा पर घूम कर भगवान शिव को अपनी भक्ति समर्पित की. इस दौरान ‘हर-हर महादेव’ और ‘शिव-शिव’ के जयकारे से मनईटांड़ बस्ती गूंजती रही. चड़क पूजा में आसपास के मुहल्लों के साथ ही दूसरे प्रखंडाें से भी सैकड़ों लोग पहुंचे थे.

सबसे पहले भोक्ता खूंटा पर घूमते हैं पुजारी

करीब 150 वर्षों से चली आ रही इस पूजा की सबसे विशेष परंपरा यह है कि शिवभक्तों के घूमने से पहले पुजारी, जिन्हें पाटोनी कहा जाता है, स्वयं भोक्ता खूंटा में घूमते हैं. इस वर्ष पाटोनी शंकर महतो के सान्निध्य में तीन दिनों के कठिन उपवास के बाद सफेद धोती धारण कर शिवभक्तों ने सुख-समृद्धि व मनोकामना पूर्ति के लिए भगवान शिव की आराधना की.

पूजा स्थल पर की गयी थी आकर्षक विद्युत सज्जा : पूजा स्थल की फूलों और रंग-बिरंगे विद्युत बल्बों से सज्जा की गयी थी. श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद, लस्सी और अन्य व्यवस्थाएं समिति की ओर से की गयी थीं. साथ ही मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें और बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले (तारामाची ) लगाये गये थे. इस आयोजन में समाजसेवी दिलीप सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे. आयोजन में मदन महतो, बलराम महतो, मुकेश महतो, सप्पू महतो, राणा चट्टराज, जय लाल महतो, दिनेश महतो, जितेंद्र रवानी, दर्पण महतो, राकेश महतो, विकेश भगत और रवि सोनी सहित कई लोगों की सक्रिय भूमिका रही.

आठ लोगों ने की थी पूजा की शुरुआत

श्रीश्री चड़क पूजा समिति के कोषाध्यक्ष सप्पू महतो ने बताया कि चड़क पूजा की शुरुआत गांव के आठ लोगों ने की थी. जब लोगों की मन्नतें पूरी होने लगीं, तो अन्य ग्रामीण भी इससे जुड़ते चले गये. इस पूजा में पुरुष शिवभक्तों के साथ उनके घर की महिलाएं भी उपवास रखती हैं. महिलाएं सिर पर कलश लेकर खूंटा के चारों ओर खड़ी रहती हैं. अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद ही सभी श्रद्धालु भगवान शिव को नमन कर अपना उपवास तोड़ते हैं.

350 किलो चना का वितरण

समिति के विश्वनाथन रवानी ने बताया कि भगवान शिव को प्रिय चना और गुड़ का प्रसाद करीब 80 वर्षों से वितरित किया जा रहा है. इस वर्ष लगभग 350 किलो चना के साथ हलवा और शरबत का भी वितरण किया गया.

शिवभक्तों ने रस्सी से बैलगाड़ी व वाहन खीचें

कुछ शिवभक्त रस्सी के सहारे बैलगाड़ी और चारपहिया वाहन खींचते नजर आये. इसके अलावा कुछ भक्तों ने सीने में कील चुभोकर शिव-पार्वती की प्रतिमा को लटका कर परिक्रमा की. शिवभक्त आर्यन कुमार ने बताया कि वे पिछले दस वर्षों से इस पूजा में भाग ले रहे हैं और उनकी सभी मन्नतें पूरी हुई हैं. वहीं शिवम कुमार ने कहा कि भगवान शिव की भक्ति से जीवन की कठिनाइयां दूर होती हैं.

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