Dhanbad News: खदानों में 126.7 मिलियन टन कोयला, पर डिस्पैच में पिछड़ी कोल इंडिया
Published by : ASHOK KUMAR Updated At : 25 Mar 2026 2:18 AM
बीसीसीएल, सीसीएल और इसीएल में सर्वाधिक तेजी से बढ़ा कोयला स्टॉक. उत्पादन 742.77 एमटी, लेकिन 20 एमटी कम उठाव.
देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया के सामने अब उत्पादन नहीं, बल्कि डिस्पैच सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है. चालू वित्त वर्ष में 742.77 मिलियन टन कोयले का उत्पादन करने के बावजूद कंपनी 722.88 मिलियन टन ही डिस्पैच कर सकी. कोल इंडिया और उसकी अनुषंगी कंपनियों में कोयले का कुल स्टॉक बढ़कर 126.70 मिलियन टन पहुंच गया है. यह आंकड़ा एक साल पहले 102.33 मिलियन टन था, यानी महज एक वर्ष में करीब 24 मिलियन टन कोयला अतिरिक्त जमा हो गया. कोल इंडिया के ताजा आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि अब चुनौती उत्पादन बढ़ाने की नहीं, बल्कि प्रभावी डिस्पैच और लॉजिस्टिक्स प्रबंधन की है. खासकर बीसीसीएल, सीसीएल व इसीएल जैसी कंपनियों में बढ़ता स्टॉक इस बात का प्रमाण है कि यदि परिवहन और आपूर्ति प्रणाली में सुधार नहीं हुआ, तो उत्पादन बढ़ने के बावजूद इसका पूरा लाभ अर्थव्यवस्था को नहीं मिल पायेगा.
डिस्पैच गैप ने बढ़ाया दबाव
उत्पादन और डिस्पैच के बीच करीब 24 मिलियन टन का अंतर साफ संकेत देता है कि कंपनी की आपूर्ति और परिवहन प्रणाली दबाव में है. रेलवे रैक की कमी, लॉजिस्टिक्स बाधाएं और मांग-आपूर्ति के असंतुलन के कारण खदानों में कोयले का अंबार लग रहा है.कंपनियों में असमान स्टॉक, एमसीएल टॉप पर
कंपनी स्टॉकएमसीएल 44.03 एमटीएसइसीएल 24.10 एमटीसीसीएल 17.65 एमटीइसीएल 11.64 एमटी
बीसीसीएल 8.86 एमटीझारखंड की कंपनियों में बढ़ती समस्या (एमटी में)
कंपनी उत्पादन डिस्पैच स्टॉक
बीसीसीएल 34.24 32.09 6.47 से बढ़कर 8.86सीसीएल 78.44 73.76 11.80 से बढ़कर 17.65इसीएल 49.73 46.24 7.76 से बढ़कर 11.64
समस्या की जड़ क्या है
– रेलवे रैक और परिवहन की कमी– खदान से उपभोक्ता तक आपूर्ति में बाधा- कोल साइडिंग पर लोडिंग क्षमता सीमित
– मांग और डिस्पैच प्लानिंग में असंतुलनप्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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