तीन-चार किसान भी संयुक्त रूप से ले सकते हैं बिरसा हरित ग्राम बागवानी योजना का लाभ

Updated at : 08 Jun 2024 1:12 AM (IST)
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तीन-चार किसान भी संयुक्त रूप से ले सकते हैं बिरसा हरित ग्राम बागवानी योजना का लाभ

50 डिसमिल से दो एकड़ जमीन तक वालों को दी जा रही स्वीकृति, धनबाद में 1500 लोगों को योजना का लाभ देने का लक्ष्य, 601 का चयन

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विशेष संवाददाता, धनबाद,

मॉनसून के तहत आम बागवानी योजना का लाभ अब-तीन चार किसान या भूमि धारक मिल कर भी ले सकते हैं. सभी की जमीन एक स्थान पर होनी चाहिए. साथ ही जमीन का कुल रकबा भी न्यूनतम 50 डिसमिल या अधिकतम दो एकड़ तक होना चाहिए. ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा के तहत बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत बागवानी योजना के तहत नियमों में थोड़ी ढील दी गयी है. पहले किसी लाभुक के पास 50 डिसमिल जमीन होने पर ही इस योजना का लाभ मिलता था. अब इसमें कुछ संशोधन हुआ है. सूत्रों के अनुसार अब दो या तीन-चार व्यक्ति तक मिल कर भी इस योजना के तहत लाभ के लिए आवेदन दे सकते हैं. जमीन की जरूरत की न्यूनतम शर्त पहले जैसी ही है. अब साथ में लाभ लेने वाले लाभुकों की जमीन आस-पास होनी चाहिए. धनबाद जिला में इस योजना के तहत 947 एकड़ जमीन चिह्नित करने का लक्ष्य है. साथ ही 15 सौ लोगों को इस योजना का लाभ देना है. अब तक इस योजना के तहत यहां 601 लोगों का चयन हो चुका है.

क्या है इस योजना का लाभ :

बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत बागवानी के लिए लाभुकों को मनरेगा के तहत एक सौ दिन का काम दिया जाता है. साथ ही बागवानी के तहत जिस पेड़ को लगाना चाहते हैं, उसका पौधा मुहैया कराया जाता है. पौधों की देख-भाल के लिए भी लाभुकों को राशि दी जाती है. इसमें आम, नींबू, सरीफा जैसे पौधों का वितरण ज्यादा किया जाता है. वैसे लाभुक जिस फल का पौधा मांगेंगे, वही दिया जाता है.

मॉनसून से पहले तेज होगा काम :

उप विकास आयुक्त सादात अनवर ने शुक्रवार को बताया कि मनरेगा की योजनाओं पर विशेष फोकस किया जा रहा है. आवास योजनाओं में भी तेजी लाने को कहा गया है. आदर्श चुनाव आचार संहिता समाप्त होने के बाद शुक्रवार से सभी प्रखंडों में विकास योजनाओं की समीक्षा शुरू हो गयी है. धनबाद जिला में मनरेगा जॉब कार्डधारियों के जॉब कार्ड को आधार से सीडिंग करने की समीक्षा की गयी. बताया गया कि अब तक धनबाद जिला में 1,19,619 सक्रिय जॉबकार्ड धारकों की आधार सीडिंग हो चुकी है. इन मजदूरों को काम के एवज में मजदूरी का भुगतान भी आधार से जुड़े बैंक खातों में किया जा रहा है.

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