Dhanbad News: तीन साल से जमे बिल क्लर्क बदलेंगे : उपायुक्त

उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई सभी डीडीओ के साथ समीक्षा बैठक. जिला स्तरीय टीम करेगी औचक निरीक्षण, गड़बड़ी मिलने पर होगी कार्रवाई.
उपायुक्त आदित्य रंजन की अध्यक्षता में शुक्रवार को न्यू टाउन हॉल में सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (डीडीओ) के साथ समीक्षा बैठक हुई. इसमें झारखंड कोषागार संहिता 2016 और वित्त विभाग के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया. इस अवसर पर उपायुक्त ने बताया कि जिला स्तरीय टीम सभी कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर विगत वर्षों के भुगतान, प्रक्रिया, सर्विस बुक, कर्मियों की जन्म तिथि और बैंक खातों का मिलान करेगी. किसी भी त्रुटि पर संबंधित डीडीओ के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. बैठक में नगर आयुक्त आशीष गंगवार, अपर समाहर्ता विनोद कुमार, वन प्रमंडल पदाधिकारी विकास पालीवाल, निदेशक डीआरडीबी राजीव रंजन, सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा, जिला शिक्षा पदाधिकारी अभिषेक झा, जिला शिक्षा अधीक्षक आयुष कुमार समेत सभी डीडीओ, लिपिक व नाजिर उपस्थित थे.
डेटा प्रबंधन और वित्तीय अनुशासन पर जोर
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी नियमित कर्मियों का डेटा एचआरएमएस पोर्टल पर अपलोड हो तथा बैंक डिटेल्स प्रमाणिक स्रोत से सत्यापित हों. उन्होंने पीएफएमएस के माध्यम से भुगतान सुनिश्चित करने, 5000 रुपये से अधिक की राशि सीधे वेंडर के खाते में भेजने और निजी खातों में सरकारी राशि जमा नहीं करने के निर्देश दिये. विभागीय अनुमति के बिना खोले गये बैंक खाते बंद करने को कहा.
कार्यालय व्यवस्था में होगा बदलाव
बैठक में एक ही विभाग में तीन वर्ष से अधिक समय से कार्यरत बिल क्लर्कों को बदलने का निर्देश दिया गया. स्थापना लिपिक और विपत्र लिपिक को अलग-अलग रखने तथा एक ही लिपिक होने पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया. डीडीओ को हर माह अपने कार्यालय का निरीक्षण कर लेखा की जांच करना अनिवार्य किया गया. ट्रेजरी ऑफिसर पंकज कुमार ने बताया कि कार्यालय प्रधान भुगतान और विपत्रों की शुद्धता के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे.
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