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Dhanbad News : अब 30 वर्ष के बाद ही किसी लाभुक को दुबारा मिलेगा पीएम आवास योजना का लाभ

Updated at : 22 Dec 2024 2:31 AM (IST)
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Dhanbad News : अब 30 वर्ष के बाद ही किसी लाभुक को दुबारा मिलेगा पीएम आवास योजना का लाभ

1995 के बाद लाभ लेने वालों को करना होगा इंतजार, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय का नया सर्कुलर जारी, एआइ की मदद से इस बार होगा जियो टैगिंग सर्वे

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प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, आंबेडकर आवास सहित केंद्र सरकार की किसी भी आवास योजना का एक बार लाभ ले चुके व्यक्ति को दुबारा 30 वर्ष बाद ही इस योजना का लाभ मिलेगा. केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की तरफ से जारी नये सकुर्लर के तहत एक बार जिस किसी भी सरकारी योजना का लाभ मिल चुका है, उन्हें या उनके परिवार के किसी सदस्य को दुबारा लाभ नहीं मिलेगा. साथ ही सरकार ने आवास योजना के लिए जियो टैगिंग के लिए होने वाले सर्वे में इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) की मदद लेने का निर्णय लिया है. साथ ही सर्वे कार्य में स्थायी के साथ-साथ पहली बार संविदा पर कार्यरत कर्मियों को भी लगाया जायेगा. सूत्रों के अनुसार पीएम आवास योजना ग्रामीण सहित केंद्र ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा स्वीकृत की जाने वाली आवास योजना के नियमों में कुछ बदलाव हुआ है. पहले जिनका आवास पूरी तरह जीर्ण-शीर्ण हो जाता था, उन्हें दुबारा योजना का लाभ मिल जाता था. शर्त यही रहती थी कि उसे ग्राम सभा से मंजूरी मिले. अब सरकार ने तय कर दिया है कि एक परिवार को 30 वर्ष में एक ही बार योजना का लाभ मिलेगा. यानी वर्ष 1995 से पहले जिन्हें इंदिरा आवास जैसी योजना का लाभ मिला था. वही दुबारा पीएम आवास ग्रामीण, आंबेडकर आवास, आवास प्लस जैसी योजना का लाभ ले सकते हैं.

क्या है परिवार की परिभाषा :

सरकारी नियम के अनुसार परिवार की परिभाषा में स्वयं लाभुक, उनकी पत्नी तथा अविवाहित पुत्र व पुत्री आते हैं. अगर लाभुक महिला है, तो उस स्थिति में परिवार में उसके पति व अविवाहित बच्चे आयेंगे.

बिना नक्शा वाले गांवों का भी होगा जियो टैगिंग :

सूत्रों ने बताया कि नये वित्तीय वर्ष के लिए जियो टैगिंग के लिए जल्द ही सर्वे शुरू होगा. इसके लिए सर्वेयर का सत्यापन कार्य चल रहा है. इस बार सर्वे में एआइ की मदद ली जायेगी. साथ ही एप विकसित किया गया है. वैसे गांवों का भी सर्वे कराने का निर्णय लिया गया है, जिसका सार्वजनिक नक्शा नहीं बना है. इस बार सभी चिरागी गांवों को शामिल किया जायेगा. स्थायी सरकारी कर्मियों की कमी को देखते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने संविदा पर कार्यरत रोजगार सेवकों को भी जियो टैगिंग सर्वे में लगाने की छूट दे दी है.

पक्का मकान वालों को नहीं मिल पायेगा नया आवास :

सूत्रों ने बताया कि एआइ तथा एप के जरिये जियो टैगिंग सर्वे होने के चलते इस बार पक्का मकान जहां भी होगा. उसका सर्वे नहीं हो पायेगा. इस कारण अगली बार कोई भी व्यक्ति जिसका, अभी अधूरा पक्का मकान भी होगा, को सरकारी आवास योजना का लाभ नहीं मिल पायेगा. इस बार के सर्वे में कोई मैनुअल कार्य नहीं होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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