धनबाद : अगवा व्यक्ति की हत्या, शव आते ही गरम हुआ झरिया
Updated at : 18 Apr 2016 11:33 PM (IST)
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झरिया/भूली : झरिया थाना क्षेत्र के चौथाई कुल्ही से रविवार की दोपहर अगवा मीर ताजुद्दीन के पुत्र मीर नियाजुद्दीन (25) की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गयी. उसका शव भूली स्थित बी ब्लॉक आमबगान के एक तालाब में पड़ा मिला. तालाब में मछली पकड़ने गये बच्चों ने उसका पैर देख हल्ला किया. मौके पर […]
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झरिया/भूली : झरिया थाना क्षेत्र के चौथाई कुल्ही से रविवार की दोपहर अगवा मीर ताजुद्दीन के पुत्र मीर नियाजुद्दीन (25) की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गयी. उसका शव भूली स्थित बी ब्लॉक आमबगान के एक तालाब में पड़ा मिला. तालाब में मछली पकड़ने गये बच्चों ने उसका पैर देख हल्ला किया. मौके पर पहुंचे भूली ओपी प्रभारी अमित कुमार गुप्ता ने लोगों की मदद से शव बाहर निकलवाया.
नियाजुद्दीन के शरीर पर चोट के कई निशान थे. शव पत्थर के सहारे दबा दिया गया था. इधर, हत्या की जानकारी मिलते ही चौथाई कुल्ही में कोहराम मच गया. आक्रोशित परिजन व स्थानीय लोगों ने आरोपी शेख बाबू के घर पर धावा बोल दिया. पत्थरबाजी और तोड़फोड़ करने के बाद घर में आग लगा दी. हंगामे की सूचना मिलने पर सिंदरी डीएसपी विकास कुमार पांडेय, झरिया समेत अन्य थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गयी.
पुलिस को देखते ही हंगामा कर रहे लोग वहां से हट गये. इसके बाद शांति समिति के लोगों व पुलिस ने आग पर पानी फेंक काबू पाया. पुलिस ने शेख बाबू के पिता शेख मंसूर को हिरासत में ले लिया है. उससे थाना में पूछताछ चल रही है. घटना के बाद आरोपी के परिजन घर छोड़ कर फरार हैं. असगरी खातून के बयान पर झरिया थाना में कांड संख्या 100/16 पर भादंवि की धारा 364 (ए), 34 के तहत शेख बाबू, बाबू शेख व मो मंसूर के विरुद्ध एफआइआर दर्ज की गयी है.
* ’40 हजार रुपया लेकर आ जाओ’
मृतक मीर नियाजुद्दीन की मां चौथाई कुल्ही निवासी असगरी खातून ने अपने पड़ोसी शेख बाबू, बाबू शेख व मो. शाहिद पर हत्या का आरोप लगाया है. असगरी ने बाइक संख्या जेएच10एएच-0147 से उसके पुत्र को अगवा करने की लिखित शिकायत झरिया थाना में रविवार की रात की थी. शिकायत में असगरी ने कहा है कि आरोपी कल दोपहर डेढ़ बजे उसके पुत्र नियाजुद्दीन उर्फ डिस्को व उसकी बहन के पुत्र टिंकू को थाना मोड़ डायमंड क्लब से उठाकर लोदना मोड़ ले गये. वहां टिंकू को वाहन से उतार दिया.
टिंकू अपने घर चौथाई कुल्ही पहुंचा और घटना की जानकारी परिजन को दी. कहा कि आरोपी शेख बाबू, बाबू शेख व मो. शाहिद (तीनों पड़ोसी) मीर नियाजुद्दीन को अनजान जगह पर ले गये हैं. इसी बीच शाम सात बजे शेख बाबू का छोटा भाई मो. महमूद पीड़ित के घर पहुंचा. कहा कि उसके भाई ने फोन कर 40 हजार रुपये लेकर आने को कहा है. नियाजुद्दीन बोर्रागढ़ तिवारी जंगल में रखा गया है. पैसे लेकर उसे छोड़ देंगे.
* सोने की कानबाली के लिए हत्या
मृतक का भाई कलामुद्दीन, मो. महमूद व तीन-चार अन्य लोग बाइक से बोर्रागढ़ गये, लेकिन वहां कलामुद्दीन को कुछ दिखायी नहीं दिया. उसके साथ गये लोग ढूंढ़ने की बात कह वहां से गये तो लौटे नहीं. इसके बाद अगवा नियाजुद्दीन की खोजबीन शुरू हुई. असगरी ने पुलिस को बताया कि शेख बाबू सोने की कानबाली पहनता था. कुछ दिन पूर्व नियाजुद्दीन वह कानबाली उससे लेकर किसी को दे दी. शेख बाबू इसके एवज में 14 हजार रुपये मांग रहा था. नहीं देने पर हत्या की धमकी दी थी. असगरी के अनुसार, जिस समय आरोपियों ने उसके पुत्र को अगवा किया, उसकी पॉकेट में आठ हजार रुपये नकद व एक मोबाइल था.
* कीचड़ से सना था शेख बाबू
असगरी ने पुलिस को बताया कि रविवार की रात ही शेख बाबू अपने घर आ गया था. उसके घर जाकर अपने बेटे के बारे में पूछा तो उसने जवाब दिया कि वह आ रहा है. तब शेख बाबू का शरीर कीचड़ से सना हुआ था. ऐसा लग रहा था कि किसी से लड़ाई-झगड़ा कर घर लौटा है. सूचना मिलते ही पड़ोस के लोग भी जुट गये. शेख बाबू से बोले कि कानबाली का पैसा लो, मीर नियाजुद्दीन को लाओ.
* चकमा देकर हुआ फरार
असगरी व लोगों के दबाव में शेख बाबू अपनी प्लसर बाइक से अन्य लोगों के साथ लोदना मोड़ तक गया. वहां लोगों से कहा कि वे लोग यहीं रुकें, वह नियाजुद्दीन को लेकर आता है. इसके बाद वह नहीं लौटा. रात भर लोग बोर्रागढ़ के जंगल में नियाजुद्दीन की तलाश करते रहे. मृतक का मोबाइल स्विच्ड ऑफ आ रहा था. झरिया थानेदार एमपी गुप्ता ने बताया कि सोमवार को भूली ओपी पुलिस ने सूचना दी कि तालाब में शव पड़ा है.
कई मामलों में आरोपी है शेख बाबू
झरिया पुलिस ने बताया कि शेख बाबू कई मामलों का आरोपी है. वह हाल ही में जेल से छूट कर आया है. भूली ओपी क्षेत्र में लैपटॉप चोरी के एक मामले में जेल गया था.
* …तो शव नहीं उठने दूंगी
असगरी खातून ने आज झरिया थानेदार एमपी गुप्ता को काफी खरी-खोटी सुनायी. कहा कि वह तत्पर रहते तो उनके पुत्र की हत्या नहीं होती. रात में सूचना देने के बाद भी 24 घंटे के बाद कार्रवाई करने की बात कही थी. अगर उसी वक्त कार्रवाई हुई होती तो घटना नहीं होती. कहा कि आरोपी को फांसी की सजा दी जाये, नहीं तो शव नहीं उठने दूंगी. असगरी के चार भाई व पांच बहनों में मृतक मांझिल था. उसके पिता मीर ताजुद्दीन छत्तीसगढ़ में पेंटर का काम करते हैं. उन्हें घटना की सूचना दे दी गयी है. मृतक के भाइयों में मो. मेराज, कलाम, आरिफ व बहनों में जबीना, रूबी, फरजाना (तीनों शादीशुदा), इजरात व मुसरत हैं. इधर, कांग्रेस नेता नीरज सिंह मृतक के घर पर पहुंचे और परिजन को ढांढ़स बंधाया.
* जान बचाने के लिए किया होगा संघर्ष
शव देखने से लगता है कि मीर नियाजुद्दीन ने अपनी जान बचाने के लिए आरोपियों से जबरदस्त संघर्ष किया था. जालिमों ने उसे बेरहमी से मारा है. इसके निशान उसके शरीर पर देखने को मिले. आरोपियों की गिरफ्तारी व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हत्या के सही कारणों का पता चल सकेगा.
विकास कुमार पांडेय, डीएसपी
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