धनबाद. नगर निगम की 35 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा है. ऐसी बात नहीं कि निगम के आला अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं. खानापूर्ति के नाम पर सिर्फ नोटिस का खेल चलता है. तत्कालीन नगर आयुक्त अवधेश पांडेय के समय ट्रेचिंग ग्राउंड में रह रहे 35 लोगों को नोटिस दिया गया था, लेकिन फिर मामला ठंडे बस्ते में चला गया. 80 के दशक में निगम कर्मियों की सांठगांठ से भू-माफियाओं ने कई एकड़ जमीन बेच दी. कुछ जमीन पर आवास-अपार्टमेंट भी बन गये हैं. कुछ जमीन को आज भी भू-माफियाओं ने कब्जा में रखा है. चीरागोड़ा ट्रेचिंग ग्राउंड में निगम की 15 एकड़ जमीन है. लगभग जमीन भू-माफियों ने बेच दी है.
पार्क मार्केट में है 4.82 एकड़ जमीन : पार्क मार्केट में निगम की 4.82 एकड़ जमीन है. हालांकि भू-माफियाओं की नजर इस जमीन पर नहीं पड़ी. अन्यथा फर्जी कागजात बना कर इसका भी सौदा कर लिया होता. पार्क मार्केट से निगम को सालाना लाखों का राजस्व आ रहा है.
चीरागोड़ा ट्रेचिंग ग्राउंड : 35 एकड़
मनईटांड़ माड़ी गोदाम : 8 एकड़
पुराना बाजार रिफ्यूजी मार्केट : 2 एकड़
भवतारिणी पथ मनईटांड़ : 3 एकड़
गांधी नगर : 7 एकड़
हटाया जायेगा कब्जा
निगम की जमीन से अवैध कब्जा हटाया जायेगा. सभी को नोटिस दिया जायेगा. इसके बाद हटाने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. डीसी को भी पत्र लिखा गया है. नक्शा व अमीन की मांग की गयी है. निगम क्षेत्र में जो भी सरकारी जमीन खाली है, उसे अपने अधिकार में लिया जायेगा. चंद्रशेखर अग्रवाल, मेयर
