ePaper

एसडीएम और डीएमओ को बनाया बंधक

Updated at : 24 Oct 2019 8:08 AM (IST)
विज्ञापन
एसडीएम और डीएमओ को बनाया बंधक

निरसा : निरसा थाना क्षेत्र के मोराडीह गांव में बुधवार की शाम अवैध रूप से भारी मात्रा में रखा बालू स्टॉक में छापेमारी करना प्रशासन को महंगा पड़ गया. आक्रोशित महिला पुरुषों ने शाम तीन बजे से लेकर रात करीब आठ बजे तक एसडीओ राज महेश्वरम, जिला खनन पदाधिकारी निशांत अभिषेक, खनन निरीक्षक पिंटू कुमार […]

विज्ञापन

निरसा : निरसा थाना क्षेत्र के मोराडीह गांव में बुधवार की शाम अवैध रूप से भारी मात्रा में रखा बालू स्टॉक में छापेमारी करना प्रशासन को महंगा पड़ गया. आक्रोशित महिला पुरुषों ने शाम तीन बजे से लेकर रात करीब आठ बजे तक एसडीओ राज महेश्वरम, जिला खनन पदाधिकारी निशांत अभिषेक, खनन निरीक्षक पिंटू कुमार सिंह, पूर्वी टुंडी ओपी प्रभारी कमलनाथ मुंडा को बंधक बनाकर रखा.

आक्रोशित ग्रामीण तीन वाहनों से पहुंचे अधिकारियों को उन्हीं के वाहनों में बंद कर रख दिया था. किसी भी स्थिति में गाड़ियों को गांव से बाहर जाने नहीं दिया जा रहा था. महिला-पुरुष गाड़ियों के सामने बैठ जा रहे थे.
क्या है मामला
बुधवार की शाम करीब लगभग 3-4 बजे एसडीओ राज महेश्वरम जिला खनन विभाग पदाधिकारी निशांत अभिषेक, पिंटू कुमार सिंह, पूर्वी टुंडी ओपी प्रभारी कमलनाथ मुंडा को साथ लेकर तीन चारपहिया वाहनों से बराकर नदी से सटा गांव मोराडीह पहुंचे. गांव में करीब एक दर्जन से अधिक स्थानों पर हजारों सीएफटी बालू जमा कर रखा गया था.
जैसे ही अधिकारियों ने गांव पहुंचकर छापेमारी शुरू की, गांव में अफरातफरी मच गयी. अधिकारी मोबाइल से बालू व गांव में खड़े वाहनों का फोटो ले रहे थे तो गांव की महिलाओं ने पहुंच कर अधिकारियों को फोटो लेने से मना किया.
महिलाओं का आरोप था कि फोटो लेने से मना करने के बाद अधिकारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार एवं अमर्यादित शब्द का प्रयोग किया. इसके बाद माहौल काफी गर्म हो गया. करीब एक हजार लोग इकट्ठा हो गये और हंगामा करने लगे. अधिकारियों को जमकर खरी-खोटी सुनायी.
भारी भीड़ देख एसडीएम व अन्य अधिकारी अपने-अपने वाहनों में बैठकर गांव से बाहर निकल ही रहे थे कि लोगों ने वाहनों को रोक दिया. जबरन उन्हें गाड़ी में ही बैठा कर रख दिया गया. इसकी सूचना निरसा सहित धनबाद पुलिस को दी गयी तो काफी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण किया. लेकिन ग्रामीण किसी की सुनने को तैयार नहीं थे.
अरूप ने डीसी-एसएसपी से की बात तो मान गये ग्रामीण: शाम छह बजे पहुंचे विधायक अरूप चटर्जी की पहल पर ग्रामीण शांत हुए. आक्रोशित महिलाएं किसी की एक सुनने को तैयार नहीं थीं. उनका सीधा आरोप था कि पुलिस प्रशासन से लेकर विभागीय अधिकारी जब बालू उठाओ से लेकर उसे स्टॉक में रखने तक का पैसा लेते हैं तो फिर छापेमारी कर प्राथमिकी दर्ज क्यों की जाती है.
कहा कि बालू स्टॉक का फोटो लेने से मना करने पर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया. इस पर विधायक अरूप चटर्जी ने उपायुक्त अमित कुमार एवं एसएसपी किशोर कौशल से फोन पर बात की. एसएसपी ने पूर्वी टुंडी ओपी प्रभारी पर जांच कर कार्रवाई करने एवं उपायुक्त द्वारा पूरे मामले की जांच पड़ताल तीन दिनों के अंदर करने का आश्वासन दिया. इसके बाद मामला शांत हुआ.
अधिकारियों पर बालू स्टॉक का फोटो लेने के दौरान महिलाओं से अभद्र व्यवहार का आरोप
निरसा विधायक अरूप चटर्जी की पहल पर पांच घंटे बाद मुक्त हुए अधिकारी
जगह-जगह पैसा देने के बाद भी छापेमारी पर सवाल उठा रहे थे ग्रामीण
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola