एक मां ने घोंटा ममता का गला तो दूसरी ने दी दुहाई, जानें क्या है पूरा मामला

By Prabhat Khabar Digital Desk
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धनबाद : कहते हैं बच्चों पर जब कोई आफत आती है तो एक मां हर आफत से टकराने के लिए तैयार रहती है, लेकिन जब जन्म देनेवाली मां ही बच्चे को अपनाने से इंकार कर दे तो बच्चा किसका दामन थामें. महिला थाना में गुरुवार को मां का दो रूप दिखा. एक मां ने अपने चार माह के बच्चे को अपनाने से इंकार कर चलती बनी तो दूसरी मां अपने दो बच्चों के भविष्य के लिए महिला थाना पहुंची थी.

बलियापुर की रेखा देवी और मोटू कुमार का विवाह पांच साल पहले हुआ था. मोटू कुमार ने बताया वह क्रशर में काम करता है. शादी के चार साल तक बच्चा नहीं होने से पत्नी का काफी इलाज कराया. चार माह पहले बेटा का जन्म हुआ, लेकिन पत्नी दुधमुंहे बच्चे को छोड़कर मायके चली गयी. परेशान होकर महिला थाना में आवेदन दिया. जब थाना से उसे बुलाया गया वह स्पष्ट शब्दों में कहती है कि बच्चे से उसका कोई लेना देना नहीं. बच्चे को देखे बगैर वह थाना से निकल गयी.
दूसरा मामला धनसार की काजल देवी और रवि वाल्मीकि का था. काजल ने बताया आठ साल पहले उसका विवाह रवि के साथ हुआ था. रवि उसकी दीदी का देवर है. उसे दो बच्चे हैं. रवि हमेशा मारपीट करता है. कहीं काम भी नहीं करने देता है. हमेशा शक करता है. घर का ऐसा वातावरण देख कर बच्चे का भविष्य बर्बाद हो जायेगा. पति अपने व्यवहार में सुधार लाये नहीं तो बच्चों के भविष्य के लिए वह अलग हो जायेगी. काजल के पति को महिला थाना में आने के लिए नोटिस किया गया है.
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