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पुलिस कार्रवाई पर सवाल: कहां है विकास, धरती निगल गयी या खा गया आसमान ?

Updated at : 18 Jan 2019 11:34 AM (IST)
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पुलिस कार्रवाई पर सवाल: कहां है विकास, धरती निगल गयी या खा गया आसमान ?

विजय कश्यप झरिया: निरसा निवासी बिंदेश्वर प्रसाद सिंह के पुत्र विकास कुमार सिंह की तलाश में उसके परिजन पिछले चार दिनों से थाना-थाना भटक रहे हैं. लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है. गुरुवार को भी विकास के वृद्ध पिता बिंदेश्वर तिसरा थाना का चक्कर लगाते रहे. विकास के पिता, भाई व अन्य […]

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विजय कश्यप

झरिया: निरसा निवासी बिंदेश्वर प्रसाद सिंह के पुत्र विकास कुमार सिंह की तलाश में उसके परिजन पिछले चार दिनों से थाना-थाना भटक रहे हैं. लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है. गुरुवार को भी विकास के वृद्ध पिता बिंदेश्वर तिसरा थाना का चक्कर लगाते रहे. विकास के पिता, भाई व अन्य परिजनों का कहना है कि विकास को निरसा स्थित उनके आवास से तिसरा पुलिस उठाकर ले गयी है. लेकिन पुलिस से पूछने पर अनभिज्ञता जता रही है. विकास के पिता बिंदेश्वर प्रसाद सिंह का कहना है कि ‘उनका बेटा पुलिस की हिरासत में नहीं है, तो उसे धरती निगल गयी या आसमान खा गया?’ श्री सिंह ने बताया कि गुरुवार को फोन पर उनकी बात सिंदरी डीएसपी से भी हुई है, मगर उन्होंने कुछ भी नहीं बताया. श्री सिंह का कहना है कि उनका बेटा पुलिस की हिरासत में ही है. फिर पुलिस विकास के बारे में परिजनों को कोई जानकारी क्यों नहीं दे रही है?
आज विकास को जेल भेज सकती है पुलिस
विकास कहां है? इस सवाल पर गुरुवार को झरिया के विभिन्न थाना क्षेत्रों के पुलिस पदाधिकारियों के कान खड़े हो जाते रहे. पुलिस पदाधिकारी इस सवाल से भागते रहे. एक पुलिस पदाधिकारी का कहना था कि हमें क्यों फंसा रहे हैं? यह हाई लेबल का मामला है. इधर, सूत्रों का कहना है कि विकास को गोलकडीह वामधौड़ा निवासी घनश्याम निषाद उर्फ गेड़ा की हत्या में हिरासत में लिया गया है. नौ जनवरी की देर रात तिसरा थाना क्षेत्र के नॉर्थ तिसरा जोरिया ओबी डंप के पास घनश्याम की गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी. घनश्याम के भाई संतोष निषाद की लिखित शिकायत पर तिसरा पुलिस ने कांड संख्या-3/19 के तहत मामला दर्ज किया. सूत्रों के मुताबिक पुलिस शुक्रवार को विकास को जेल भेज सकती है.
झूठे मामले में फंसाना चाहती है पुलिस
इस मामले में विकास के भाई सुमित कुमार सिंह द्वारा ऑनलाइन शिकायत की गयी है. सुमित ने अपने भाई विकास को छोड़ने के लिए धनबाद के एसएसपी से लेकर झारखंड के डीजीपी तक से गुहार लगायी है. चार दिन बाद भी पुलिस पदाधिकारी विकास के बारे में अनभिज्ञता जाहिर कर रहे हैं. विकास के भाई का दावा है कि पाथरडीह थाना में उसने विकास के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनी. सुमित का आरोप है कि पुलिस उसके साथ मारपीट व थर्ड डिग्री का इस्तेमाल कर उसे प्रताड़ित कर रही है. उसका आरोप है पुलिस उसके भाई को किसी झूठे मामले में फंसाना चाहती है. यही कारण है कि पुलिस उसके साथ मारपीट कर झूठे मामले में उसका कबूलनामा करवाने के लिए प्रताड़ित कर रही है.
कानून के रखवाले ही तोड़ रहे हैं कानून
विकास के भाई सुमित का कहना है कि 14 जनवरी की सुबह 8.30 बजे निरसा की सिंद्री कॉलोनी स्थित आवास पर पुलिस आयी और विकास को लेकर चली गयी. पूछने पर पुलिस टीम द्वारा बताया गया कि तिसरा थाना कांड संख्या 03/2019 के मामले में पूछताछ के लिए विकास को ले जाया जा रहा है. पुलिस वाले उसके भाई विकास को पाथरडीह थाना ले गये. वहां विकास के साथ मारपीट की गयी. सुमित का आरोप है कि पुलिस द्वारा रोज अलग-अलग थाने में रखकर विकास की पिटाई की जा रही है. सुमित का कहना है कि कानून के रखवाले ही कानून तोड़ रहे हैं. नियमानुसार पुलिस 24 घंटे से अधिक किसी को पुलिस हिरासत में नहीं रख सकती है. 24 घंटे के बाद सिर्फ मजिस्ट्रेट की आज्ञा से हिरासत में रख सकती है. उन्होंने कहा कि अगर विकास किसी मामले में दोषी है, तो पुलिस उसे जेल क्यों नहीं भेज रही है? परिजनों को उसके बारे सही जानकारी क्यों नहीं दी जा रही है? पुलिस परिजनों से क्यों नहीं मिलने दे रही है?
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