धनबाद-चंद्रपुरा रेल मार्ग पर आज अंतिम सफर : ट्रेनबंदी से उबाल, नौ स्टेशनों में निषेधाज्ञा

Published at :14 Jun 2017 9:17 AM (IST)
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धनबाद-चंद्रपुरा रेल मार्ग पर आज अंतिम सफर : ट्रेनबंदी से उबाल, नौ स्टेशनों में निषेधाज्ञा

धनबाद: धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन को 15 जून से बंद करने के रेलवे बोर्ड के फैसले से देश की कोयला राजधानी धनबाद में उबाल है. 14 जून की मध्य रात्रि तक ही इस मार्ग पर रेलों का परिचालन होगा. 15 जून से इस मार्ग पर चलने वाली 26 जोड़ी ट्रेनों में से 19 जोड़ी ट्रेनों को […]

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धनबाद: धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन को 15 जून से बंद करने के रेलवे बोर्ड के फैसले से देश की कोयला राजधानी धनबाद में उबाल है. 14 जून की मध्य रात्रि तक ही इस मार्ग पर रेलों का परिचालन होगा. 15 जून से इस मार्ग पर चलने वाली 26 जोड़ी ट्रेनों में से 19 जोड़ी ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है. ट्रेन रद्द होने का असर धनबाद समेत आस-पास के जिलों की बड़ी आबादी पर पड़ेगा. प्रशासन को आशंका है कि कुछ लोग इस मौके पर विधि-व्यवस्था पर खतरा उत्पन्न कर सकते हैं. ट्रेनबंदी के बाद की स्थिति को लेकर धनबाद और बोकारो जिला प्रशासन ने मुकम्मल तैयारी की है.
बसों का किराया प्रति किमी एक रुपया : रेल मार्ग बंद होने से जनता घबराये नहीं. धनबाद से चंद्रपुरा के बीच 15 जून को सुबह पांच बजे से 22 बसें चलेंगी. इसमें से 20 बसें धनबाद बस स्टैंड से खुल कर शक्ति चौक, कांको मठ के रास्ते चंद्रपुरा को जायेगी, जबकि दो बसें बस स्टैंड से वाया बैंक मोड़, लोयाबाद गंतव्य के लिए जायेंगी. सभी निजी बसें होंगी. इसके लिए बस मालिकों को अस्थायी परमिट दिया गया है. यात्रियों से प्रति किलोमीटर एक रुपया किराया लिया जायेगा. अगर यात्रियों की संख्या ज्यादा हुई तो किराया भी कम किया जायेगा और बसों की संख्या भी बढ़ेगी.
डीसी ट्रेन में आज ‘ऐतिहासिक यात्रा’
बोकारो. चंद्रपुरा-धनबाद के बीच चलने वाली सबसे पुरानी पैसेंजर ट्रेन डीसी में परिचालन के अंतिम दिन 14 जून को डुमरी विधायक जगरनाथ महतो सहित इस क्षेत्र के पूर्ववर्ती छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता व पंचायत प्रतिनिधि ‘ऐतिहासिक यात्रा’ करेंगें. सुबह में सभी इस ट्रेन में सवार होकर धनबाद जायेंगे. पूर्ववर्ती छात्रों का कहना है कि उनकी स्कूल व कॉलेज की पढ़ाई इस ट्रेन के कारण हीं संभव हुई.
हुड़दंगियों से सख्ती से निबटेंगे : डीसी
धनबाद-चंद्रपुरा रेल खंड के धनबाद जिले में पड़ने वाले सभी नौ स्टेशनों पर 14 जून से धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगा दी गयी है. किसी भी स्टेशन पर लोगों के समूह में प्रवेश करने पर रोक रहेगी. इसके साथ ही सभी स्टेशनों पर सुरक्षा के लिए जिला पुलिस, रेल पुलिस, आरपीएफ जवानों की तैनाती की गयी है. उपायुक्त ए दोड्डे ने मंगलवार को समाहरणालय में प्रेस वार्ता में कहा कि रेल की संपत्ति को क्षति पहुंचाने या विधि-व्यवस्था बिगाड़ने की इजाजत किसी को नहीं दी जायेगी.
रेल संपत्ति की सुरक्षा होगी : एसएसपी
एसएसपी मनोज रतन चोथे ने कहा कि डीसी रेल लाइन में पड़ने वाले सभी स्टेशनों पर जीआरपी, आरपीएफ के साथ जिला पुलिस के जवान भी तैनात किये जा रहे हैं. रेल संपत्ति की सुरक्षा के लिए अगले आदेश तक यह तैनाती होगी. लोकल थाना को भी अटैच किया जा रहा है. उन्होंने भी जनता से गुमराह नहीं होने तथा शांति बनाये रखने की अपील की. कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने से किसी को रोका नहीं जायेगा. लेकिन कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं होगी. प्रेस वार्ता में रेल एसपी एचपी जनार्दनन, एडीएम (विधि-व्यवस्था) राकेश दुबे, आरपीएफ कमांडेंट विनोद कुमार, डीसीएम मो. इम्तियाज, डीओएम भी मौजूद थे.
जनहित में रेल मार्ग बंद करने का फैसला : डीसी ने लोगों से धैर्य बनाये रखने की अपील करते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रख कर ही केंद्र सरकार ने यह फैसला लिया है. कोशिश हो रही है कि जो ट्रेनें अभी रद्द हुई है, उन्हें भी धीरे-धीरे चलाया जाये. रेलवे भी इस मामले में लगातार प्रयासरत है. कहा कि हुड़दंग फैलाने वालों से सख्ती से निबटा जायेगा. ऐसे कुछ लोगों की सूची भी तैयार हुई है. इनके खिलाफ धारा 107 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई भी होगी.
बोकारो पुलिस भी सतर्क
बोकारो के एसपी वाइएस रमेश ने मंगलवार को कैंप दो स्थित कार्यालय कक्ष में जिला के पुलिस अधिकारियों के साथ क्राइम मीटिंग की. एसपी ने बताया कि राज्य के मुख्य सचिव राजबाला वर्मा व पुलिस महानिदेशक डीके पांडेय ने ट्रेनबंदी को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये हैं. बुधवार को चंद्रपुरा, दुगदा व अन्य स्टेशन में काफी संख्या में आरपीएफ, जीआरपी, जिला पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स व अतिरिक्त बल को तैनात किया गया है. ‘ऐतिहासिक यात्रा’ की प्रशासन द्वारा वीडियोग्राफी भी करायी जायेगी.
ट्रेनें बंद करने का मामला हाइकोर्ट में उठा
रांची. चंद्रपुरा-धनबाद रेलमार्ग पर चलनेवाली 30 ट्रेनों (रांची व अन्य जगहों से आने-जानेवाली ट्रेनें) का परिचालन बंद कर देने का मामला मंगलवार को झारखंड हाइकोर्ट में उठाया गया. मामला कोर्ट के समक्ष विचाराधीन है. एक्टिंग चीफ जस्टिस डीएन पटेल व जस्टिस बीबी मंगलमूर्ति की खंडपीठ में सुनवाई के दाैरान अधिवक्ता विनय सिन्हा व शेखर प्रसाद सिन्हा ने उक्त मामले को उठाते हुए संज्ञान लेने का आग्रह किया. उन्होंने खंडपीठ के समक्ष प्रभात खबर की प्रतियां प्रस्तुत करते हुए कहा कि ट्रेनों को बंद करने से हजारों लोग प्रभावित होंगे. ट्रेनों को बंद करने के बदले वैकल्पिक रेल मार्ग से चलाने की जरूरत है, ताकि लोगों को परेशानी नहीं हो. राजधानी रांची सहित झारखंड के विभिन्न जिलों व बिहार के कई जिलों के लोग रेल की सुविधा से वंचित हो जायेंगे. उल्लेखनीय है कि रेलवे बोर्ड ने चंद्रपुरा-धनबाद रेल खंड में 15 जून से ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया है. कुछ ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाने की घोषणा की गयी है, जबकि अधिकतर ट्रेनों को बंद करने का निर्णय लिया गया है. कोयला खनन के कारण भूमिगत आग के रेल पटरियों तक आ जाने के कारण दुर्घटना की संभावना को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने ट्रेनों के परिचालन बंद करने का निर्णय लिया है. कुछ दिनों पूर्व भूमि धसान में पिता-पुत्र जमींदोज हो गये थे. इस पर हाइकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका में तब्दील कर दिया था.
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