साक्ष्य के अभाव में हत्या मामले के दो आरोपी बरी

देवघर की एडीजे प्रथम राजीव रंजन की अदालत ने सेशन ट्रायल के तहत नामजद दो आरोपियों राजीव कुमार रंजन और मुकेश महथा को संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया। मामला 2022 में नगर थाना में दर्ज हुआ था, जिसमें आरोप था कि सूचक के पति भीम महथा की गोली मारकर हत्या की गई। अभियोजन पक्ष ने दो गवाह पेश किए, लेकिन उन्होंने घटना की पुष्टि नहीं की। सभी दलीलों और साक्ष्यों की समीक्षा के बाद अदालत ने साक्ष्य की कमी को देखते हुए दोनों आरोपियों को बरी कर दिया। पहला आरोपी मुंगेर जिला के माधोपुर गांव का रहने वाला है, जबकि दूसरा सलौनाटांड़ मोहल्ले का निवासी है।
देवघर. एडीजे प्रथम राजीव रंजन की अदालत में चल रहे सेशन ट्रायल केस की सुनवाई पूरी होने के बाद अहम फैसला सुनाया गया. अदालत ने नामजद दो आरोपियों राजीव कुमार रंजन और मुकेश महथा को संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया. पहला आरोपी मुंगेर जिला के कोतवाली थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव का निवासी है, जबकि दूसरा नगर थाना क्षेत्र के सलौनाटांड़ मोहल्ले का रहने वाला है. दोनों के विरुद्ध वर्ष 2022 में नगर थाना में अन्नू देवी के बयान पर मामला दर्ज किया गया था. आरोप था कि सूचक के पति भीम महथा की गोली मारकर हत्या की गयी थी. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से दो गवाह पेश किए गए, लेकिन दोनों ने घटना की पुष्टि नहीं की. सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने साक्ष्य के अभाव में दोनों आरोपियों को बरी कर दिया.
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By फाल्गुनी मारिक
विगत 32 वर्षों से प्रभात खबर में पत्रकारिता करते आ रहा हूं. विशेष तौर पर कोर्ट से संबंधित खबरों के अलावा श्रावणी विशेषांक -बिल्व पत्र में धार्मिक आलेख लेखन, दुर्गापूजा के अवसर पर निकाली गयी दुर्वाक्षत में धार्मिक लेख लिखने, सामयिक कॉलम कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन का अनुभव है. साथ ही लोक भाषा खोरठा में कविता, कहानी लेखन का अनुभव है. झारखंड अधिविध परिषद रांची के वर्ग अष्टम के पाठ्यक्रम में तथा आचार्य विनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए की कक्षा के पाठ्यक्रम में कविता शामिल हो चुकी है. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताएं, कहानियां व आलेखों का भी प्रकाशन हो चुका है.
प्रभात खबर में विगत 32 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव. विशेष तौर पर अदालत की खबरों पर पकड़ है. इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं पर आलेख छपते रहा है. बिल्व पत्र श्रावणी विशेषांक में धार्मिक आलेख, सामयिक कॉलम- कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन करते रहे हैं. लोक भाषा खोरठा की जानकारी है एवं इनकी कविता झारखंड अधिविध परिषद में वर्ग अष्टम तथा बिनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए पाठ्यक्रम में शामिल है.
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