जागरुकता से दूर होगी बाल विवाह जैसी कुरीतियां : सचिव

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मारगोमुंडा की पिपरा पंचायत भवन में स्वयंसेवी संस्था आश्रय व जीएफएफ के तत्वावधान में दो दिवसीय किशोरी क्षमता विकास प्रशिक्षण शिविर

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मारगोमुंडा. प्रखंड क्षेत्र की पिपरा पंचायत भवन में स्वयंसेवी संस्था आश्रय व जीएफएफ के तत्वावधान में दो दिवसीय किशोरी क्षमता विकास प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. जिसमें खरजोरी किशोरी समूह की किशोरियों ने भाग लिया. इस अवसर पर संस्था के सचिव दीपा कुमारी ने कहा कि समाज में लोग अपनी बच्चों की शादी कम उम्र में कर देते हैं, जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई लिखाई, खेलकूद सभी बंद हो जाता है. इसीलिए किशोरियों को प्रशिक्षण दिया जाता है. प्रशिक्षण प्राप्त कर गांव समाज के लोगों को जागरूक करें. मालूम होनी चाहिए कि लड़की की शादी 18 वर्ष व लड़के की शादी 21 वर्ष के बाद होनी चाहिए. जब किशोरियों को समूह बना कर चर्चा कराई गयी तब किशोरियों ने बताया कि कम उम्र में शादी करने से स्वास्थ्य, शिक्षा, खेलकूद, विकास मनोरंजन सभी छूट जाता है. इसीलिए लड़कियों को पढ़ लिखकर अपने पैरों पर खड़ा होना चाहिए. मुस्कान परवीन ने बताया कि बाल विवाह को रोकने के लिए कानून भी बनाया गया है. जिसको बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 है. इसमें दो साल की सजा और एक लाख रुपए जुर्माना या दोनों हो सकता है. मौके पर तमन्ना परवीन, शाइस्ता, शगुफ्ता, मैमुन, नाजनी, आसमीन, फरजाना आदि मौजूद थे. —————— किशोरियों को मिला क्षमता विकास का प्रशिक्षण

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