जसीडीह के सिमरिया में तीन भाई मिलकर चला रहे थे साइबर ठगी का गैंग, साइबर पुलिस ने छापामार किया गिरफ्तार

Updated at : 30 Nov 2022 11:03 PM (IST)
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जसीडीह के सिमरिया में तीन भाई मिलकर चला रहे थे साइबर ठगी का गैंग, साइबर पुलिस ने छापामार किया गिरफ्तार

साइबर थाना की पुलिस ने जसीडीह थाना क्षेत्र के सिमरिया गांव में बुधवार को छापेमारी कर तीन साइबर ठगों को नकद 11 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया है. इनके पास से जप्त मोबाइल सिम(आइएमइआइ) के खिलाफ देशभर में आठ साइबर क्राइम के लिंक मिले हैं, जिसकी जांच की जा रही है.

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साइबर थाना की पुलिस ने जसीडीह थाना क्षेत्र के सिमरिया गांव में बुधवार को छापेमारी कर तीन साइबर ठगों को नकद 11 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार साइबर ठगों की पहचान जसीडीह थाना क्षेत्र के सिमरिया निवासी सेलू कुमार पाठक(28) व अभय कुमार पाठक दोनों पिता मनोज पाठक(दोनों सगे भाई) तथा बदिया निवासी रोशन कुमार पाठक(22) पिता विनोद पाठक के तौर पर हुई है. गिरफ्तार तीनों साइबर ठग रिश्ते में चचेरे भाई हैं. इनके पास से जप्त मोबाइल सिम(आइएमइआइ) के खिलाफ देशभर में आठ साइबर क्राइम के लिंक मिले हैं, जिसकी जांच की जा रही है.

पुलिस ने इनके पास से किया बरामद

पुलिस ने इन साइबर अपराधियों के पास से नकद 11 लाख रुपये समेत पांच मोबाइल फोन, 17 फर्जी सिम कार्ड, एक पासबुक, 23 एटीएम कार्ड बरामद किये हैं. इस संबंध में जानकारी देते हुए साइबर थाना के डीएसपी सुमित प्रसाद ने बताया कि इस मामले में गिरफ्तार साइबर अपराधियों के पास से बरामद मोबाइल फोन से देश भर के आठ साइबर ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया है. साथ ही, सेलू पाठक के पास से साइबर ठगी के 11 लाख रुपये भी बरामद किया गया है.

ठग ने खुद को पुलिसकर्मी का बेटा बताया

पुलिस सूत्रों से जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार साइबर ठग सेलु ने खुद को पुलिसकर्मी मनोज पाठक का बेटा बताया. संपर्क किये जाने पर साइबर थाना की पुलिस को सेलु के पिता मनोज पाठक ने खुद को लालपुर थाना में एएसआइ के रूप में पदास्थापित होने की जानकारी दी. मगर अब तक की जांच में साइबर पुलिस को लालपुर थाना में किसी मनोज पाठक नामक एएसआइ के पदास्थापित होने की पुष्टि नहीं हो सकी है. फिलहाल पुलिस मामले की अग्रेतर छानबीन में जुटी हुई है.

मिलता था 20 फीसदी कमीशन

पुलिस सूत्रों की मानें तो साइबर अपराध के जगत में सेलु पाठक कमीशन एजेंट के तौर पर लंबे समय से काम करता रहा है. सेलु, अभय व रौशन (तीनों) खुद तो ठगी का काम करता ही है. देश के किसी भी कोने में ठगी की घटना को अंजाम दिये जाने के बाद खाते से उड़ाये गये पैसे एक निर्धारित खाता में पहुंचते थे. उस पैसे को निकाल कर सही जगह पहुंचाना सेलु का काम होता है. इतना ही नहीं सीमावर्ती बिहार के कई हिस्सों से सेलु के पास समय-समय पर मोटी रकम पहुंचती थी. उन पैसों को विभिन्न बैंकों के फर्जी खातों से अलग-अलग एटीएम कार्ड से निकासी कर देवघर सहित दुमका व आसपास के इलाके में संबंधित व्यक्ति तक पहुंचाने की जिम्मेवारी सेलु की होती थी.

फर्जी एकाउंट का तीनों भाई पैसों की निकासी के लिए करते थे उपयोग

जानकारी के अनुसार ये तीनों साइबर ठग साइबर ठगी के पैसों को फर्जी बैंक एकाउंट में मंगाते थे. इसके बाद इन पैसों को अलग- अलग एटीम से निकासी कर अपना कमीशन लेकर विभिन्न साइबर अपराधियों तक पहुंचाने का काम भी करते थे. इसके अलावा गिरफ्तार साइबर अपराधियों द्वारा एटीएम कार्ड व सिम कार्ड के माध्यम से ठगी की वारदात को भी अंजाम देने में महारत हासिल है.

मौके पर उपस्थित थे

प्रेस कांफ्रेंस के मौके पर साइबर थाना प्रभारी सह पुलिस इंस्पेक्टर केएन सिंह, इंस्पेक्टर तरूण कुमार समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी व अन्य.

रिपोर्ट : अजय यादव, देवघर

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