Deoghar news : पॉक्सो एक्ट के केस में दोषी युवक को 25 वर्षों की सश्रम सजा

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Deoghar news : पॉक्सो एक्ट के केस में दोषी युवक को 25 वर्षों की सश्रम सजा

एडीजे तृतीय सह पाक्सो स्पेशल कोर्ट राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत से पाक्सो एक्ट के दोषी युवक को 25 वर्षों की सश्रम सजा सुनायी गयी, साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

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विधि संवाददाता, देवघर. एडीजे तृतीय सह पाक्सो स्पेशल कोर्ट राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत से पाक्सो एक्ट के दोषी युवक विशाल तुरी उर्फ बंटी तुरी को 25 वर्षों की सश्रम सजा सुनायी गयी, साथ ही इसे 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. जुर्माना की राशि पीड़िता को देय होगी, जिसे भुगतान नहीं करने पर अलग से तीन वर्षों की सश्रम सजा अलग से काटनी होगी. सजा पाने वाला युवक धनबाद जिले के वासुदेवपुर केंदुआडीह का रहने वाला है. इसके विरुद्ध आठ मार्च 2025 को जसीडीह थाना में पीड़िता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज हुआ था. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से घटना के समर्थन में नौ लोगों ने गवाही दी और दोष सिद्ध करने में सफल रहे. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार सिंह ने पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष से अधिवक्ता रमेश कुमार तिवारी ने पक्ष रखा.

क्या था मामला

गिरिडीह जिले के एक गांव की रहने वाली नाबालिक लड़की को उसके ही मामा, जो इस मामले में अभियुक्त है के द्वारा नशा खिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था. पीड़िता के पिता एएसआइ है. घटना के बाद पुलिस ने जसीडीह थाना में केस दर्ज किया और अनुसंधान पूर्ण करने के बाद केस का स्पीडी ट्रायल हुआ. पीड़िता को इस मामले में 13 माह के अंदर न्याय मिला.

॰नाबालिग के साथ उसके मामा ने नशा खिलाकर किया था दुष्कर्म

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फाल्गुनी मारिक

लेखक के बारे में

By फाल्गुनी मारिक

विगत 32 वर्षों से प्रभात खबर में पत्रकारिता करते आ रहा हूं. विशेष तौर पर कोर्ट से संबंधित खबरों के अलावा श्रावणी विशेषांक -बिल्व पत्र में धार्मिक आलेख लेखन, दुर्गापूजा के अवसर पर निकाली गयी दुर्वाक्षत में धार्मिक लेख लिखने, सामयिक कॉलम कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन का अनुभव है. साथ ही लोक भाषा खोरठा में कविता, कहानी लेखन का अनुभव है. झारखंड अधिविध परिषद रांची के वर्ग अष्टम के पाठ्यक्रम में तथा आचार्य विनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए की कक्षा के पाठ्यक्रम में कविता शामिल हो चुकी है. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताएं, कहानियां व आलेखों का भी प्रकाशन हो चुका है.

प्रभात खबर में विगत 32 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव. विशेष तौर पर अदालत की खबरों पर पकड़ है. इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं पर आलेख छपते रहा है. बिल्व पत्र श्रावणी विशेषांक में धार्मिक आलेख, सामयिक कॉलम- कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन करते रहे हैं. लोक भाषा खोरठा की जानकारी है एवं इनकी कविता झारखंड अधिविध परिषद में वर्ग अष्टम तथा बिनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए पाठ्यक्रम में शामिल है.

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