प्रमुख संवाददाता, देवघर : ग्रामीण आजीविका, स्वावलंबन और स्थानीय प्रतिभाओं को सशक्त मंच देने के उद्देश्य से पहली बार पलाश आजीविकोत्सव सरस मेला का आयोजन किया जा रहा है. इसे लेकर डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में राज्यस्तरीय टीम के साथ बैठक की. बैठक में मेला आयोजन से जुड़ी सभी तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये. डीसी ने बताया कि 25 से 31 जनवरी तक देवघर कॉलेज परिसर में आयोजित होने वाले इस मेले में 100 से अधिक स्टॉल लगाये जायेंगे. इन स्टॉलों के माध्यम से स्वयं सहायता समूह की दीदियां, स्थानीय कामगार और हुनरमंद समूह अपने उत्पादों की बिक्री कर सकेंगे. मेला एक ही छत के नीचे विभिन्न राज्यों, जिलों और देवघर के स्थानीय स्वयं सहायता समूहों को जोड़ने का कार्य करेगा. उन्होंने कहा कि सरस मेले का मुख्य उद्देश्य आजीविका समूहों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है, ताकि उनके आर्ट एंड क्राफ्ट और पारंपरिक हुनर को व्यापक पहचान मिल सके. इसके साथ ही मेले में प्रतिदिन विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा, जिसमें स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थी भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे. डीसी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि मेला हर दृष्टि से आकर्षक, सुव्यवस्थित और सुरक्षित हो, ताकि देवघर में पहली बार आयोजित हो रहे इस सरस मेले को यादगार बनाया जा सके. बैठक में डीडीसी, नगर आयुक्त, डीपीआरओ, पुलिस व अग्निशमन विभाग के अधिकारी, जेएसएलपीएस की राज्यस्तरीय टीम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. हाइलाइट्स देवघर में पहली बार लगेगा पलाश आजीविकोत्सव सरस मेला
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

