झारखंड: गांजा तस्करी के दोषी चार कारोबारियों को 6-6 साल की सजा, एक-एक लाख रुपये जुर्माना

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यह मामला आठ जून 2015 को जसीडीह रेल थाना में सहायक अवर निरीक्षक मनोज कुमार के बयान पर दर्ज हुआ था, जिसमें कारोबारियों के कब्जे से 70 किलोग्राम गांजा पुलिस ने बरामद किया था. केस दर्ज होने के बाद आरोप पत्र दाखिल किया गया और केस का ट्रायल हुआ

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देवघर. गांजा तस्करी के चार कारोबारियों गणेश साह, रमेश साह, विभीषण साह व दीपक साह को दोषी पाकर छह साल की सश्रम सजा सुनायी गयी. साथ ही दोषियों को एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर अलग से छह माह की कैद की सजा काटनी होगी. इन चारों को एनडीपीएस एक्ट की दो अलग-अलग धाराओं में आरोप प्रमाणित हुआ, जिसमें सजा सुनायी गयी व जुर्माना लगाया गया. यह फैसला एडीजे तीन गरिमा मिश्रा की अदालत से गुरुवार को आया. सभी अभियुक्त भागलपुर के रहनेवाले हैं.

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70 किलो गांजा हुआ था बरामद

यह मामला आठ जून 2015 को जसीडीह रेल थाना में सहायक अवर निरीक्षक मनोज कुमार के बयान पर दर्ज हुआ था, जिसमें कारोबारियों के कब्जे से 70 किलोग्राम गांजा पुलिस ने बरामद किया था. केस दर्ज होने के बाद आरोप पत्र दाखिल किया गया और केस का ट्रायल हुआ. इस मामले में गणेश साह, रमेश साह व विभीषण साह एवं दीपक साह का ट्रायल अलग -अलग चल रहा था. अदालत ने दोनों अभिलेख में एक साथ फैसला सुनाया. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से अपर लोक अभियोजक शिवाकांत मंडल ने पुलिस अधिकारी समेत नौ लोगों की गवाही दिलायी व दोष सिद्ध करने में सफल रहे. वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता अली अतहर व सज्जाद हैदर ने पक्ष रखा.

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ऐसे हुआ था मामले का उद्भेदन

जसीडीह जंक्शन से बैग में 70 किलो गांजा लेकर ट्रेन के माध्यम से कहीं ले जाने की तैयारी में कारोबारी था. जीआरपी को इसकी भनक लगी, तो बैग की जांच की गयी, जिसमें तस्करी का गांजा मिला. इसमें कुल पांच युवकों को जीआरपी ने दबोचा. एक युवक के मामले का पहले ही ट्रयल हुआ, जिसमें सजा मिल चुकी है. पुलिस ने अलग-अलग तिथियों को केस अनुसंधान के बाद आरोप पत्र दाखिल किया, जिसमें इन चारों युवकों की संलिप्तता पायी. अदालत में मामले की सुनवाई चली, जिसमें चारों युवकों को दोषी करार दिया व सजा सुनायी. इस मुकदमे में सात साल बाद फैसला आया.

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