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Mahashivratri 2025: देवघर में मंदिरों के शिखर से 17 फरवरी से उतारे जायेंगे पंचशूल

Updated at : 16 Feb 2025 9:11 PM (IST)
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Mahashivratri 2025 Deoghar

महाशिवरात्रि से पहले देवघर के मंदिरों से उतारे जायेंगे पंचशूल. फोटो : प्रभात खबर

Mahashivratri 2025: देवघर में महाशिवरात्रि 2025 की तैयारी शुरू हो गयी है. मंदिरों के शिखर से 17 फरवरी 2025 से पंचशूल को उतारने की शुरुआत हो जायेगी. जानें शिवरात्रि तक क्या-क्या होगा देवघर में.

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Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि के लिए बाबा मंदिर में तैयारी जोर-शोर से चल रही है. परंपरा के अनुसार, सोमवार (17 फरवरी 2025) को दोपहर से बाबा मंदिर परिसर में स्थित मंदिरों से चिंतामणि भंडारी की अगुवाई में पंचशूल खोले जायेंगे. इसमें सबसे पहले भगवान गणेश मंदिर से पंचशूल को खोलने की परंपरा का निर्वहण किया जायेगा. इसके बाद क्रमवार धीरे-धीरे अन्य मंदिरों से भंडारी परिवार के अगुवा चिंतामणी भंडारी की देखरेख में राजू भंडारी और उनके सहयोगियों के द्वारा पंचशूल खोले जायेंगे. पंचशूल के नीचे उतरते ही इसे स्पर्श करने वालों की भीड़ लग जायेगी. सुरक्षा घेरे में एक-एक कर पंचशूलों को बाबा मंदिर प्रशासनिक भवन लाया जायेगा. यहां पंचशूल की सफाई की जायेगी.

इस दिन खुलेंगे बाबा बैद्यनाथ और माता पार्वती मंदिर के पंचशूल

इस तरह हर दिन बारी-बारी से मंदिरों के शिखर से पंचशूल खोले जायेंगे. तय तिथि के अनुसार, बाबा बैद्यनाथ और माता पार्वती मंदिर के पंचशूल फाल्गुन मास सोमवार एकादशी तिथि पर खोले जायेंगे. इसके पहले बाबा और माता पार्वती के बीच गठबंधन को खोला जायेगा. उसके बाद दोपहर 3 बजे के करीब दोनों मंदिरों से पंचशूल को खोलने की परंपरा शुरू होगी.

मंगलवार को गद्दी घर के बरामदे पर होगी पंचशूल की पूजा

मंगलवार को सरदार पंडा गद्दी घर के बरामदे पर बाबा बैद्यनाथ और माता पार्वती सहित सभी मंदिरों से खोले गये पंचशूल की विधिवत पूजा करेंगे. इसके लिए विशेष आयोजन किया जायेगा. यह पूजा आचार्य गुलाब और पुजारी सरदार पंडा श्रीश्री गुलाब नंद ओझा तांत्रिक विधि से करेंगे. इसमें करीब 2 घंटे लगेंगे. पूजा खत्म होने के बाद फिर से भंडारी गणेश मंदिर से पंचशूल लगाने की परंपरा शुरू करेंगे.

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सरदार पंडा करेंगे गठबंधन चढ़ाने की शुरुआत

अंत में बाबा भोलेनाथ और माता पार्वती मंदिर में पंचशूल स्थापित करने के बाद सरदार पंडा बाबा और माता के मंदिर के बीच पहला गठबंधन चढ़ाकर गठबंधन चढ़ाने की परंपरा की शुरुआत करेंगे. बुधवार को फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि पर महाशिवरात्रि के दिन बाबा बैद्यनाथ की शृंगार पूजा नहीं होगी. इस दिन जलार्पण के बाद बाबा का पट बंद होगा और कुछ देर बाद इसे खोल दिया जायेगा. फिर पूरी रात चतुष्प्रहर पूजा की जायेगी.

बाबा भोलेनाथ और माता पार्वती मंदिर के पंचशूल का होगा मिलन

परंपरा के अनुसार, 24 फरवरी को बाबा भोलेनाथ और माता पार्वती के मंदिर से एक साथ पंचशूल खोले जायेंगे. पंचशूल खोलने के बाद कुछ क्षण के लिए बाबा और माता के मंदिरों से उतारे जाने वाले पंचशूलों का मिलन कराया जायेगा. इस क्षण को देखने तथा पंचशूल को स्पर्श करने के लिए भारी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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