मधुपुर में नियमित नहीं खुलते कई हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी उठा रहे इंसेंटिव

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स्वास्थ्य सेवा को दुरुस्त रखने के लिए तीन वर्ष पूर्व खोले गये हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का नियमित संचालन नहीं होने के कारण गांवों में स्वास्थ्य व्यवस्था में कोई परिवर्तन नहीं दिख रहा है. सभी केंद्रों पर एक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी को पदस्थापित किया गया है.

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स्वास्थ्य सेवा को दुरुस्त रखने के लिए तीन वर्ष पूर्व खोले गये हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का नियमित संचालन नहीं होने के कारण गांवों में स्वास्थ्य व्यवस्था में कोई परिवर्तन नहीं दिख रहा है. सभी केंद्रों पर एक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) को पदस्थापित किया गया है. इन सभी को अनिवार्य रुप से हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में ही निवास करना है. साथ ही स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए 15 इंडिकेटर दिये गये है, केंद्र में रहकर इन सभी को पूरा करना है. लेकिन नियमित रूप से हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खुल तो रहा नहीं है. जबकि इसके सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी नियमित इंसेंटिव ले रहे हैं.

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25 हजार रुपये मिलता है मानदेय

जानकारी के मुताबिक वेलनेस सेंटर पर प्रत्येक इंडिकेटर पूरा करने पर सीएचओ को एक हजार और पूरे महीने में 15 हजार इंसेंटिव मिलना है. जबकि 25 हजार मासिक मानदेय पर इन सभी को रखा गया है. लेकिन इंडिकेटर पूरा करना तो दूर की बात मधुपुर अनुमंडलीय अस्पताल के अधीन चल रहे आठ केंद्रों में सिर्फ नोनियाद केंद्र में ही सीएचओ निवास करतीं हैं. अनुमंडलीय अस्पताल के अधीन मधुपुर के महुआडाबर, जमुनियाटांड, सिंघो, धमनी, जगदीशपुर, मटियारा व मारगोमुंडा के नोनियाद और ताराजोरी में केंद्र संचालित है. वहीं एक केंद्र में सीएचओ का पद रिक्त है.

10 दिन भी नहीं खुला सिंघो एचडब्लूसी

सिंघो स्थित एचडब्लूसी केंद्र महीने में एक-दो दिन ही खुलता है. इसी तरह जमुनियाटांड, महुआडाबर, ताराजोरी, जगदीशपुर समेत अन्य केंद्रो में सप्ताह में एक-दो दिन ही सीएचओ पहुंचते हैं. इसके बाद भी सभी सीएचओ नियमित रुप से 15 हजार प्रत्येक माह इंसेंटिव ले रहे है.

सीएचओ के क्या हैं कार्य

बताया जाता है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक ने इंसेंटिव के संबंध में सभी सीएस को निर्देश दिया है कि गलत जानकारी देने पर पहले चेतावनी फिर इंसेंटिव राशि में कटौती और इसके बाद सीएचओ का अनुबंध समाप्त करते हुए सेवा मुक्त करने के प्रावधान की बात लिखी है. साथ ही 15 इंडिकेटर की सूची भी दी गयी है. इन लोगों को ग्रामीणों को निरोग रहने के लिए योगा कराना, आपातकालिन चिकित्सा मुहैया कराना, टीकाकरण, ब्लड प्रेशर, शुगर जांच, कॉउंसिलिंग,मातृत्व स्वास्थय, किशोर स्वास्थय आदि पर बिंदुवार काम करना प्रमुख हैै.

क्या कहती हैं मुखिया

उद्घाटन के बाद 10 दिन भी केंद्र नहीं खुला है. केंद्र से ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है. केंद्र में सीएचओ निवास नहीं करती हैं.

इंद्राणी देवी, दलहा

क्या कहते हैं उपप्रमुख

एचडब्लूसी में सीएचओ निवास नहीं करती है. इस बात को उन्होंने प्रखंड में आयोजित पंसस की बैठक में भी रखा था.

उमेश यादव, उपप्रमुख

कहते हैं उपाधीक्षक

एचडब्लूसी में सीएचओ निवास नहीं करते है. तय 15 इंडिकेटर के पूरा करने का प्रतिवेदन मिलने के बाद ही सभी को इंसेंटिव दिया जाता है.

– डॉ मो शाहीद

रिपोर्ट : बलराम, मधुपुर

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