Deoghar news : दहेज प्रताड़ना के मामले में पति को तीन साल की सश्रम सजा, 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया

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Deoghar news : दहेज प्रताड़ना के मामले में पति को तीन साल की सश्रम सजा, 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया

एसीजेएम की अदालत ने दहेज प्रताड़ना के केस में सुनवाई पूरी करने के बाद आरोपी पति को दोषी पाकर तीन वर्ष की सश्रम सजा सुनायी, साथ ही चार आरोपियों को रिहा कर दिया गया.

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विधि संवाददाता, देवघर. एसीजेएम आनंद सिंह की अदालत में चल रहे जीआर केस संख्या 851/2022 की सुनवाई पूरी करने के बाद आरोपी पति टुनटुन दास को दोषी पाकर तीन वर्ष की सश्रम सजा सुनायी गयी, साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर अलग से तीन माह कैद की सजा काटनी होगी. इसी केस के अन्य चार आराेपियों मुनटुन दास, कोबी देवी, शंभु दास व गोपाल दास को संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया गया. सभी आरोपी जसीडीह थाना के सिमरिया गांव के रहने वाले हैं और सुलेखा देवी की शिकायत पर जसीडीह थाना में 24 जुलाई 2020 की घटना को लेकर केस दर्ज हुआ था, इसमें उल्लेख है कि सूचक सुलेखा की शादी टुनटुन दास के साथ हुई थी. शादी के बाद कुछ दिनों तक ठीक से रखा. इसके बाद दहेज में दो लाख रुपये की मांग ससुराल वाले करने लगे. सूचक की माता-पिता दहेज में उक्त रकम नहीं दे पाये, जिसके चलते प्रताड़ित कर घर से निकाल दिया. पत्नी ने बाद में मुकदमा की और घटना के समर्थन में छह लोगों की गवाही अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया. अभियोजन पक्ष b बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद पति को दोषी पाकर उपरोक्त सजा सुनायी गयी और संलिप्तता नहीं होने पर अन्य चार नामजद को रिहा कर दिया गया. मामले की सुनवाई के समय अभियोजन पक्ष से सहायक लोक अभियोजक राजकिशोर कुशवाहा और बचाव पक्ष से अधिवक्ता अमर सिंह ने पक्ष रखा. इस मामले में सूचक को पांच साल के बाद न्याय मिला. ॰चार आरोपियों को संदेह का लाभ मिला, हुए रिहा

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फाल्गुनी मारिक

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By फाल्गुनी मारिक

विगत 32 वर्षों से प्रभात खबर में पत्रकारिता करते आ रहा हूं. विशेष तौर पर कोर्ट से संबंधित खबरों के अलावा श्रावणी विशेषांक -बिल्व पत्र में धार्मिक आलेख लेखन, दुर्गापूजा के अवसर पर निकाली गयी दुर्वाक्षत में धार्मिक लेख लिखने, सामयिक कॉलम कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन का अनुभव है. साथ ही लोक भाषा खोरठा में कविता, कहानी लेखन का अनुभव है. झारखंड अधिविध परिषद रांची के वर्ग अष्टम के पाठ्यक्रम में तथा आचार्य विनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए की कक्षा के पाठ्यक्रम में कविता शामिल हो चुकी है. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताएं, कहानियां व आलेखों का भी प्रकाशन हो चुका है.

प्रभात खबर में विगत 32 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव. विशेष तौर पर अदालत की खबरों पर पकड़ है. इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं पर आलेख छपते रहा है. बिल्व पत्र श्रावणी विशेषांक में धार्मिक आलेख, सामयिक कॉलम- कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन करते रहे हैं. लोक भाषा खोरठा की जानकारी है एवं इनकी कविता झारखंड अधिविध परिषद में वर्ग अष्टम तथा बिनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए पाठ्यक्रम में शामिल है.

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