Deoghar News : दहेज प्रताड़ना के दोषी पति को तीन साल की सश्रम सजा

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Deoghar News : दहेज प्रताड़ना के दोषी पति को तीन साल की सश्रम सजा

दहेज प्रताड़ना के मामले में दोषी पाये गये पति मुन्ना दास को न्यायिक दंडाधिकारी बंकिम चंद्र चटर्जी की अदालत ने तीन साल की सश्रम सजा सुनायी है. साथ ही दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया.

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विधि संवाददाता, देवघर : दहेज प्रताड़ना के मामले में दोषी पाये गये पति मुन्ना दास को न्यायिक दंडाधिकारी बंकिम चंद्र चटर्जी की अदालत ने तीन साल की सश्रम सजा सुनायी है. साथ ही दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर अलग से एक माह की कैद की सजा काटनी होगी. इसी मामले में अन्य दो नामजद आरोपित सास शकुंतला देवी व ससुर सुभाष दास को संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया गया. तीनों आरोपित मधुपुर थाना के आमतल्ला भेड़वा के रहने वाले हैं. दर्ज मुकदमा के अनुसार, सारवां की रहनेवाली पूजा देवी ने कोर्ट में पहले कंप्लेंट केस दाखिल की थी, जिसे अदालत ने एफआइआर दर्ज करने के लिए सारवां थाना भेज दिया था. पुलिस ने जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया, जिसमें उपरोक्त तीनों को नामजद आरोपित बनाया. इसमें उल्लेख किया गया था कि मुन्ना दास की शादी पूजा देवी के साथ वर्ष 2018 में हुई थी. शादी के दो साल बाद दहेज में बाइक व पलंग की मांग की गयी, जिसे मायके वाले नहीं दे पाये, तो मारपीट कर घर से निकाल दिया. किसी तरह मायके आयी व मुकदमा दर्ज करायी. मामले की सुनवाई के दाैरान अभियोजन पक्ष से चार लोगों ने घटना के समर्थन में गवाही दी. अदालत ने अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस सुनी, पश्चात पति मुन्ना दास को दहेज प्रताड़ना, मारपीट एवं दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं में दोषी पाकर अलग-अलग सजाएं सुनायी गयी व जुर्माना लगाया. सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी. अदालत ने सास एवं ससुर को रिहा कर दिया. इस मामले में अभियोजन पक्ष से सहायक लोक अभियोजक राजेश कुमार ने पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष से अधिवक्ता ओम प्रकाश गुप्ता ने पक्ष रखा. हाइलाइट्स कोर्ट ने दो हजार रुपये जुर्माना भी लगाया सास व ससुर को मिला संदेह का लाभ, रिहा

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फाल्गुनी मारिक

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By फाल्गुनी मारिक

विगत 32 वर्षों से प्रभात खबर में पत्रकारिता करते आ रहा हूं. विशेष तौर पर कोर्ट से संबंधित खबरों के अलावा श्रावणी विशेषांक -बिल्व पत्र में धार्मिक आलेख लेखन, दुर्गापूजा के अवसर पर निकाली गयी दुर्वाक्षत में धार्मिक लेख लिखने, सामयिक कॉलम कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन का अनुभव है. साथ ही लोक भाषा खोरठा में कविता, कहानी लेखन का अनुभव है. झारखंड अधिविध परिषद रांची के वर्ग अष्टम के पाठ्यक्रम में तथा आचार्य विनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए की कक्षा के पाठ्यक्रम में कविता शामिल हो चुकी है. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताएं, कहानियां व आलेखों का भी प्रकाशन हो चुका है.

प्रभात खबर में विगत 32 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव. विशेष तौर पर अदालत की खबरों पर पकड़ है. इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं पर आलेख छपते रहा है. बिल्व पत्र श्रावणी विशेषांक में धार्मिक आलेख, सामयिक कॉलम- कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन करते रहे हैं. लोक भाषा खोरठा की जानकारी है एवं इनकी कविता झारखंड अधिविध परिषद में वर्ग अष्टम तथा बिनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए पाठ्यक्रम में शामिल है.

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