राज्य में समुचित सिंचाई की होगी व्यवस्था : हफीजुल हसन

Updated at : 14 Feb 2025 9:41 PM (IST)
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राज्य में समुचित सिंचाई की होगी व्यवस्था : हफीजुल हसन

मधुपुर की जभागुड़ी पंचायत अंतर्गत लालपुर गांव में दो दिवसीय किसान मेला

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मधुपुर. प्रखंड की जभागुड़ी पंचायत अंतर्गत लालपुर गांव में दो दिवसीय किसान मेला शुक्रवार से प्रारंभ हुआ. मेले का उद्घाटन प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण सह जल संसाधन मंत्री हफीजुल हसन, विशिष्ठ अतिथि गांधीवादी कुमार कलानंद मणि, सामाजिक कर्मी घनश्याम, एक्शन एड के सौरव, जिप सदस्य सोनी सोरेन, शीला देवी, ऐनी टुडू, खगिया देवी, सागोरी हेंब्रम, इंद्रदेव मंडल, पंकज पियुष, कुंदन कुमार भगत आदि ने संयुक्त रूप से किया. मौके पर मंत्री हसन ने कहा कि वे भी किसान परिवार से हैं. सभी को खेती आज न कल करना ही होगा. उन्होंने कहा कि एक घंटा बाड़ी और एक घंटा पढ़ाई का नारा गुरुजी शिबू सोरेन ने दिया है, इसे सार्थक बनाये. कहा कि जल संसाधन विभाग से सोलर लिफ्ट इरिगेशन तालाब तटंबंध समेत बुढ़ैई व कृष्णा जलाशय परियोजना पर तेजी से काम होगा. उन्होंने किसानों से आह्वान करते हुए कहा कि रासायनिक खाद से बचें. जैविक फसल और सब्जी का उपयोग करें. धन कुटनी जैसी परंपराओं को बचाये. उन्होंने कहा कि अब झारखंड में समुचित सिंचाई व्यवस्था होगी. कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में जल छाजन विभाग से सिंचाई के लिए तालाब का निर्माण कराया जायेगा. सामाजिक कर्मी घनश्याम ने कहा कि लालपुर 56 परिवारों का गांव है. यह एक ऐसा गांव था जहां की अधिकांश भूमि पथरीली और वीरान थी. स्थिति ऐसी थी कि मुश्किल से एक शाम का भोजन यहां के लोग जुटा पाते थे, लेकिन आज यहां के किसान खुशहाली के रास्ते पर आगे बढ़ रहे है. सामूहिक श्रम व न्यूनतम संसाधन से उन्होंने गांव की तस्वीर और तकदीर बदलने का काम किया. जो पानी बहकर बेकार चला जाता था, ग्रामीणों के अभिक्रम से जोरिया में चेक डैम बनाकर लिफ्ट इरिगेशन का निर्माण कराया गया. इससे पथरीली व वीरान पड़ी भूमि पर हरियाली आ गयी. पहले किसान सिर्फ धान की फसल उगाते थे, लेकिन अब धान के अलावे तीन अन्य फसल उगाते है. सब्जी की वृहत खेती होती है. लालपुर स्वशासन और स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ रहा है. अपने श्रम, विवेक और ज्ञान से यहां के किसान समस्याओं से छुटकारा पा रहे हैं. स्वंयसेवी संस्था संवाद द्वारा 4000 परिवारों के बीच जैविक खेती को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है. झारखंड के नवनिर्माण के लिए जल, वन संरक्षण, खेती किसानी को जैविक रूप देना, भू-क्षरण को रोकना और तालाब की उड़ाही के समन्वय से ग्राम सभा के माध्यम से सरकार को सार्थक योजना बनाने की जरूरत है. अखड़ा टीमों ने पारंपरिक तरीके से सांस्कृतिक कार्यक्रम को प्रस्तुत किया. लालपुर किसान मेले के अवसर पर खेती किसानी उपज, हस्त कला, बांस कला, चित्राकला, पुस्तक प्रदर्शनी लगायी गयी. इसके अलावा फसल प्रदर्शनी में आलू, बैंगन, टमाटर, कटहल, बंध गोभी, मूली, सरसों, अमरूद, मड़वा, गोंदली, पारंपरिक धन-बीज समेत कई तरह की फसल प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र बना रहा. सूप, डाली, पंखा, झाड़ू जैसे बांस कला भी ग्रामीणों को लुभाते रहे. प्रदर्शनी में लालपुर नीचे टोला, बिचकोड़वा, चपरी, सलैया, मोहली टोला, बड़ा नारायणपुर आदि गांवों से किसान मेला में शामिल हुए. कार्यक्रम का संचालन अबरार ताबिन्दा अन्ना सोरेन आनंद मरांडी ने किया व धन्यवाद ज्ञापन ऐनी टुडू ने किया. मौके पर विजय नारायण, महानंद, सुभाष, धर्मेंद्र, रतन, फागो, लाईसन, जावेद, पंकज, फागो बेसरा, सीमाराम यादव, मनोज कुमार मंडल, गीता, श्यामली, कुसुम, शांति सहित बड़ी संंख्या में ग्रामीण मौजूद थे. ————– लालपुर में किसान मेला का आयोजित किसान मेले के अवसर पर खेती किसानी उपज, हस्त कला, बांस कला, चित्राकला, पुस्तक की लगायी गयी प्रदर्शनी

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