जांच कमेटी के दो चिकित्सकों ने किया जांच से इनकार
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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डॉ बीपी सिंह व डॉ एनएल पंडित ने संयुक्त रुप से लिखा डीएस को पत्र कहा : साथ काम करने वाले डॉक्टर मामले की जांच करेंगे तो नहीं रहेगी निष्पक्षता मामले की जांच वैसे डॉक्टरों से करायी जाये, जो सदर अस्पताल में नहीं हैं कार्यरत 30 अप्रैल को सदर अस्पताल में प्रसूति अंजू राय व […]
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डॉ बीपी सिंह व डॉ एनएल पंडित ने संयुक्त रुप से लिखा डीएस को पत्र
कहा : साथ काम करने वाले डॉक्टर मामले की जांच करेंगे तो नहीं रहेगी निष्पक्षता
मामले की जांच वैसे डॉक्टरों से करायी जाये, जो सदर अस्पताल में नहीं हैं कार्यरत
30 अप्रैल को सदर अस्पताल में प्रसूति अंजू राय व उसके नवजात की हो गयी थी मौत
देवघर : सदर अस्पताल में 30 अप्रैल को प्रसूति अंजू राय व उसके नवजात की मौत मामले की जांच करने से कमेटी के दो चिकित्सकों ने इनकार कर दिया. जांच कमेटी में शामिल डॉ बीपी सिंह व डॉ एनएल पंडित ने संयुक्त पत्र लिखकर इसकी जानकारी सदर अस्पताल के डीएस डॉ विजय कुमार को दे दी है. इन दोनों डॉक्टरों द्वारा डीएस को लिखे गये पत्र में कहा गया है कि साथ में काम करने वाले डॉक्टरों से मामले की जांच कराने से निष्पक्षता नहीं रहेगी. मामले की जांच वैसे डॉक्टरों से करायी जानी चाहिये, जो सदर अस्पताल में कार्यरत नहीं हैं. अन्यथा मामले की जांच अस्पताल प्रबंधक के सहयोग से खुद डीएस द्वारा की जाये. ऐसा किये जाने के बाद ही मामले की निष्पक्ष जांच हो सकेगी.
जांच कमेटी के डॉ बीपी सिंह व डॉ एनएल पंडित का संयुक्त पत्र मिलते ही समस्या खड़ी हो गयी है कि अब जच्चा-बच्चा की मौत मामले की जांच कैसे करायी जाये. मामले को लेकर डीएस डॉ विजय कुमार व वरीय डॉ सीके शाही शनिवार को सिविल सर्जन से मिलने पहुंचे. अब फिर डीएस मामले को लेकर सीएस को पत्र देने व जांच हेतु आग्रह करने की तैयारी में हैं.
जानकारी हो कि 30 अप्रैल को सदर अस्पताल के प्रसूति कक्ष में रानीकोठी मुहल्ला निवासी शंभू राय की पत्नी अंजू राय (30) व उसके नवजात की मौत हो गयी थी. परिजनों ने गंभीर हालत में सुबह में ही अंजू को सदर अस्पताल में भरती कराया था. परिजनों का आरोप है कि दिन भर उसे अस्पताल में किसी डॉक्टर ने नहीं देखा था और उसकी मौत होने के बाद ओटी में शिफ्ट करा दिया गया था. अंजू व उसकी नवजात की मौत के बाद सदर अस्पताल के ओटी के पास हंगामा हुआ था. इस दौरान परिजनों द्वारा महिला डॉक्टर को घेरे रखा था. बाद में सूचना पाकर नगर पुलिस पहुंची थी और डॉक्टर को बाहर निकलवाया था.
परिजनों द्वारा लगाये गये आरोप के बाद मामले की जांच के लिए डीएस ने तीन सदस्यीय डॉक्टरों की कमेटी गठित की थी. उक्त जांच कमेटी में सदर अस्पताल के डॉ बीपी सिंह, डॉ एनएल पंडित व डॉ सुषमा वर्मा को रखा गया था. डीएस के ज्ञापांक 455 दिनांक पहली मई को जांच कमेटी के डॉक्टरों को पत्र दिया गया था. जांच कमेटी से तीन दिनों के अंदर रिपोर्ट मांगी गयी थी.
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