अब बेटियों की शादी की चिंता सरकार करेगी : चंद्रवंशी
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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स्वास्थ्य मंत्री ने की विद्यालय चलें-चलायें अभियान में शिरकत विदाई से पहले पढ़ाई जरूरी मोहनपुर : शनिवार को मोहनपुर प्रखंड सभागार में विद्यालय चलें-चलायें अभियान का उदघाटन स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने किया. इस दौरान बाल विवाह पर कस्तूरबा गांधी बालिका अावासीय विद्यालय की छात्राओं ने पहले पढ़ाई व फिर विदाई पर नाटक प्रस्तुत किया. […]
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स्वास्थ्य मंत्री ने की विद्यालय चलें-चलायें अभियान में शिरकत
विदाई से पहले पढ़ाई जरूरी
मोहनपुर : शनिवार को मोहनपुर प्रखंड सभागार में विद्यालय चलें-चलायें अभियान का उदघाटन स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने किया. इस दौरान बाल विवाह पर कस्तूरबा गांधी बालिका अावासीय विद्यालय की छात्राओं ने पहले पढ़ाई व फिर विदाई पर नाटक प्रस्तुत किया. मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग का विद्यालय चलें -चलायें अभियान काफी सराहनीय है. अभियान में एक भी बच्चे पढ़ाई से वंचित ना रहे. सभी बच्चाें का नामांकन स्कूल में कराना है. बेटा -बेटी एक समान है, बेटियों की शिक्षा आज अनिवार्य हो गयी है. बेटियों की शादी से पहले शिक्षा पर अभिभावक ध्यान दें, बेटियों की शादी की चिंता अब सरकार करेगी.
केंद्र सरकार व राज्य सरकार की कई योजनाएं है, जिससे बेटियों की शादी के समय उचित खर्च मिलता है. अभिभावकों को बेटियों को पढ़ाना लक्ष्य रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि महिला को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने की अपील करते हुए कहा कि कोई भी गर्भवती घर में प्रसव नहीं, बल्कि नजदीकी स्वास्थ केंद्र में जाकर प्रसव करायें. इससे सरकारी योजना का लाभ प्राप्त होगा. मंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के पांच संकल्प है, इसमें जीरो ड्रॉप आउट, शत प्रतिशत शिक्षकों की उपस्थिति, बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति, बच्चों को अगले वर्ग में शत प्रतिशत नामांकन, सरकार से प्राप्त राशि का शत प्रतिशत उपयोग व स्वच्छता को पूर्ण करने का विशेष लक्ष्य रहेगा.
दहीजोर में अभिभावक नहीं देख मंत्री हुए नाराज
स्कूल चलें-चलायें अभियान के निरीक्षण के क्रम में मंत्री उत्क्रमित मध्य विद्यालय दहीजोर पहुंचे. इस दौरान अभियान को सफल बनाने में स्कूल के पास एक भी ग्रामीण व अभिभावक नहीं रहने पर मंत्री ने डीएसइ व बीइइओ पर कड़ी नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि कार्यक्रम में गांव के लोगों की उपस्थिती अनिवार्य होना चाहिए. बगर ग्रामीण नहीं रहेंगे तो बच्चों को स्कूल भेजने की अपील किनसे की जायेगी. कार्यक्रमों में ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करें. मंत्री ने गरीब, असहाय लोगों के लिए सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं में किसी भी प्रतिनिधियों का पैरवी नहीं चलेगी.
कस्तूरबा में नामांकन प्रक्रिया में बगैर कोई पैरवी के मापदंड के अनुसार नामांकन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. इस मौके पर डीसी अरवा राजकमल, प्रशिक्षु आइएएस आदित्य रंजन, डीडीसी जनमेजय, एसडीपीओ दीपक पांडेय,इंस्पेक्टर आरके सिन्हा, सीएस डॉ एससी झा, डीएसइ सीवी सिंह, 20 सूत्री अध्यक्ष मिथिलेश सिन्हा, बीडीओ शैलेंद्र रजक, बीइइओ तरुण कुमार घाटी,बीपीओ मनोज मंडल, बीआरपी गणेश गौतम आदि थे.
इधर, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में छात्राओं के नामांकन के लिए काउंसेलिंग की गयी. डीसी अरवा राजकमल व प्रशिक्षु आइएएस आदित्य रंजन ने छात्राओं की काउंसेलिंग की व प्रमाण पत्रों की जांच की. इस अवसर पर वार्डन पिंकी मंडल थी.
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