14वें वित्त आयोग की राशि से खर्चों का नहीं दिया हिसाब
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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सुस्ती. डीडीसी ने सभी बीडीओ से समय पर मांगी रिपोर्ट देवघर : केंद्र सरकार की 14वां वित्त आयोग की राशि से सीधे पंचायतों के खाते में भेजी जाती है. इस राशि से पंचायतों में आधारभूत संरचना को विकसित करने में खर्च करने की योजना है. पंचायतों को सीधे तौर पर राशि तो केंद्र से खाते […]
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सुस्ती. डीडीसी ने सभी बीडीओ से समय पर मांगी रिपोर्ट
देवघर : केंद्र सरकार की 14वां वित्त आयोग की राशि से सीधे पंचायतों के खाते में भेजी जाती है. इस राशि से पंचायतों में आधारभूत संरचना को विकसित करने में खर्च करने की योजना है. पंचायतों को सीधे तौर पर राशि तो केंद्र से खाते में प्राप्त हो जाती है, लेकिन इस राशि से खर्चों का हिसाब-किताब जिला मुख्यालय में नहीं रहता है. जिला मुख्यालय से डीडीसी द्वारा खर्चों का हिसाब बीडीओ के माध्यम से पंचायत के मुखिया से मांगी जा रही है. पिछले वित्तीय वर्ष 2016-17 में फरवरी-मार्च माह पंचायतों को 14वां वित्त आयोग से दस लाख रुपये कुल 194 पंचायतों के खाते में भेजी गयी है.
इस राशि के खर्चों का लेखा-जोखा डीडीसी जनमेजय ठाकुर ने सभी बीडीओ को पत्र भेजकर मांगा है. डीडीसी सभी बीडीओ को स्पष्ट रूप से कहा है कि पंचायतों से 14वां वित्त आयोग की उपयोगिता प्रमाण पत्र ससमय मुहैया कराया जाये, ताकि केंद्र सरकार को समय पर राशि की उपयोगिता रिपोर्ट भेजी जा सके. अगर समय पर उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं भेजी गयी तो 14वां वित्त आयोग का अगला आवंटन 194 पंचायतों में अटक जायेगी.
मापदंड के अनुसार उपयोगिता नहीं रहने पर कार्रवाई
डीडीसी ने सभी पंचायतों को 14वां वित्त आयोग की राशि खर्च करने के लिए केंद्र सरकार का गाइड लाइन भी मुहैया कराया है. गाइड लाइन के अनुसार इस राशि से पंचायत सचिवालय के आधारभूत संरचना विकसित करने के साथ-साथ सॉकपिट, नाला आदि निर्माण में खर्च करना है. लेकिन कई पंचायतों में मापदंड के विपरित राशि खर्च कर दी गयी है, डीडीसी ने इस मामले में भी उपयोगिता प्रमाण पत्र विस्तारपूर्वक मांगा है. मुख्य सचिव के स्तर से भी इस राशि को खर्च में मापदंड को ख्याल रखने का स्पष्ट निर्देश पंचायतीराज विभाग को दिया गया है.
डीडीसी ने कहा
केंद्र सरकार की 14वां वित्त आयोग की राशि से सीधे पंचायतों के खाते में भेजी जाती है. जिला मुख्यालय में राशि भेजने का ब्योरा नहीं रहता है, इसलिए बीडीओ से उपयोगिता प्रमाण पत्र मांगा गया है. कई पंचायतों में मापदंड के विपरित खर्चों की सूचना आयी है. उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो पायेगी.
– जनमेजय ठाकुर, डीडीसी, देवघर
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