भाईचारा का मिसाल बन रहा पनाहकोला का श्रीरामकृष्ण आश्रम
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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वार्षिक उत्सव अाज. हवन-पूजन व निकाली जायेगी प्रभात फेरी मधुपुर : पनाहकोला स्थित मंदिर श्रीश्री रामकृष्ण आश्रम सर्वधर्म समभाव की मिसाल बन गया है. इस आश्रम की स्थापना स्वामी रामकृष्ण के परम शिष्य उभेदानंद के शिष्य स्वामी सत्यानंद जी महाराज ने 1948 में की थी. आश्रम की एक खासियत यह है कि आसपास के मुसलिम […]
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वार्षिक उत्सव अाज. हवन-पूजन व निकाली जायेगी प्रभात फेरी
मधुपुर : पनाहकोला स्थित मंदिर श्रीश्री रामकृष्ण आश्रम सर्वधर्म समभाव की मिसाल बन गया है. इस आश्रम की स्थापना स्वामी रामकृष्ण के परम शिष्य उभेदानंद के शिष्य स्वामी सत्यानंद जी महाराज ने 1948 में की थी. आश्रम की एक खासियत यह है कि आसपास के मुसलिम परिवार के लोग भी इसकी देखरेख करते हैं. यह मंदिर अमन चैन और भाईचारा का प्रतीक बन गया है. स्वामी सत्यानंद जी ने 21 दिनों तक आश्रम स्थित एक अमरुद पेड़ के नीचे निर्जला तपस्या किया था.
स्वामीजी बड़े दार्शनिक और कई भाषाओं के ज्ञाता थे. आश्रम में डिस्पेंसरी, विद्यालय, छात्रावास और गोशाला का संचालन होता था. जिससे आसपास के गरीब लोग लाभान्वित होते थे. कालांतर में मठ का संचालन सही ढंग से नहीं होने और देख रेख के अभाव में भवन व बगीचा नष्ट हो गया. कुछ वर्षों तक आश्रम वीरान पड़ा रहा. स्वामी सत्यशिवानंद जी महाराज के साहस और समर्पित भाव से आश्रम का पुनर्जीवन हुआ. 25 फरवरी 2005 को स्वामी जी का आगमन हुआ. उन्हें बचपन से प्रकृति से लगाव था. उन्होंने आश्रम के खाली पड़ी जमीन में फल, फुल लगाना शुरू कर दिया. यह अथक परिश्रम का ही नतीजा है कि आज आश्रम में रंग-बिरंगे फुल पौधे खुशबू बिखेर रहे हैं. यहां कई फलदार वृक्ष हैंं और आश्रम में सब्जी भी उगायी जा रही है. पूजा व हवन का अनुष्ठान भी किया जा रहा है. विद्वानों का आना-जाना लगा रहता है. स्वामी जी के प्रयास से यहां पुन: होमियोपैथिक डिस्पेंसरी चलने लगा. लेकिन चिकित्सक के निधन के बाद वर्षों से डिसपेंसरी बंद पड़ा है. स्वामी जी के प्रयास से आश्रम परिसर में रामकृष्ण मंदिर का निर्माण हुआ. आश्रम का वार्षिक उत्सव श्रीरामकृष्ण के जन्मोत्सव पांच मार्च को मनाया जायेगा. इसकी तैयारी की जा रही है. मंदिर समेत चारो ओर रंग-रोगन कार्य प्रारंभ हो चुका है. वार्षिक उत्सव में हवन, पूजन, प्रभात फेरी सहित श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद खिचड़ी व खीर का वितरण किया जाता है.
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