पुलिस अधिकारियों ने जाने चिट-फंड के पेच
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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देवघर : सूचना भवन, देवघर के सभागार में रिजर्व बैंक और सेबी के अधिकारियों द्वारा पुलिस को ‘चिट फंड या नन बैंकिंग कंपनियों की कैसे पहचान हो, कैसे उन पर शिकंजा कसा जाये’ आदि विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया. आरबीआइ अधिकारी अमित कुमार सिन्हा ने बताया कि आज कल चिट फंड कंपनियां जनता […]
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देवघर : सूचना भवन, देवघर के सभागार में रिजर्व बैंक और सेबी के अधिकारियों द्वारा पुलिस को ‘चिट फंड या नन बैंकिंग कंपनियों की कैसे पहचान हो, कैसे उन पर शिकंजा कसा जाये’ आदि विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया. आरबीआइ अधिकारी अमित कुमार सिन्हा ने बताया कि आज कल चिट फंड कंपनियां जनता को बहला-फुसला कर बड़े-बड़े सपने दिखा कर लूट रही है. इस तरह की कंपनियां लोगों को धनराशि दोगुना व तीनगुना तक करने का प्रलोभन देती हैं.
इसी धोखे में आकर भोली-भाली जनता भविष्य को सुरक्षित करने के लिए जिन्दगी भर की जमा पूंजी गवां बैठती है. इस तरह की घटना आये दिन देखने और सुनने को मिलती रहती है. इसे ध्यान में रखते हुए रिजर्व बैंक और सेबी के अधिकारियों ने सम्मिलित रूप से सेमिनार के जरिए पुलिस को प्रशिक्षित करने का कार्यक्रम शुरू किया है. अारबीआइ अधिकारी श्री सिन्हा ने कहा कि गरीब व भोली-भाली जनता की गाढ़ी कमाई, उनके मेहनत की कमाई को एेसी ठग कंपनियों से बचाने में पुलिस का अहम रोल हो सकता है. इसलिए पुलिस इसमें सकारात्मक भूमिका निभाये. गाइडलाइन का उल्लंघन कर बिजनेस करने वाली नन-बैंकिंग कंपनियाें के खिलाफ शिकंजा कसें.
गाइड लाइन उल्लंघन हो, तो कड़ी कार्रवाई करें : सेमिनार के दौरान कई पुलिस अफसरों ने नन-बैंकिंग कंपनियों से संबंधित कुछ सवाल किये, जिसका जवाब आरबीआइ व सेबी के अधिकारियों ने दिया. अधिकारियों ने कहा कि बिजनेस के लिए आरबीआइ व सेबी का गाइड लाइन है, उसका अनुपालन होना चाहिए. यदि कोई भी कंपनी इसका उल्लंघन करती है तो शिकायत मिलते ही कड़ी कार्रवाई करें. इस अवसर देवघर एसपी ए विजयालक्ष्मी, आर्थिक अपराध शाखा रांची के सुशील पाठक सहित संताल परगना के सभी छह जिले देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़, साहेबगंज व जामताड़ा के पुलिस अफसर मौजूद थे.
सेबी के अधिकारियों ने दी पूरी जानकारी
सेमिनार में सेबी के अधिकारी ज्ञानेंद्र नीरज ने पुलिस अधिकारियों को नन-बैंकिंग कंपनियों की पहचान कैसे हो, एक्ट व निबंधन आदि के नियम क्या हैं, कंपनी एक्ट के तहत किस तरह की स्कीम अवैध हैं आदि की पूरी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जब किसी नन-बैंकिंग कंपनी के खिलाफ केस दर्ज होता है तो क्या-क्या कानूनी बारीकियां होनी चाहिए. इस संबंध में पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया, ताकि पुलिस ऐसी कंपनियों की पहचान कर तुरंत कार्रवाई कर जनता को लुटने से बचा सके.
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