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2700 रुपये लेकर सात साल पहले घर छोड़ा, सारवां के बादल पत्रलेख बने मंत्री, ली शपथ

Updated at : 29 Jan 2020 4:43 AM (IST)
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2700 रुपये लेकर सात साल पहले घर छोड़ा, सारवां के बादल पत्रलेख बने मंत्री, ली शपथ

सारवां : जरमुंडी से दूसरी बार जीते बादल पत्रलेख के राजभवन में मंत्री पद की शपथ लेते ही उनके समर्थकों व क्षेत्र के युवाओं में खुशी का माहौल है. लोगों ने पटाखे छोड़ कर खुशी का इजहार किया. इस अवसर पर उनके पैतृक गांव कुशमाहा में नजारा कुछ और ही था. एक किसान परिवार में […]

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सारवां : जरमुंडी से दूसरी बार जीते बादल पत्रलेख के राजभवन में मंत्री पद की शपथ लेते ही उनके समर्थकों व क्षेत्र के युवाओं में खुशी का माहौल है. लोगों ने पटाखे छोड़ कर खुशी का इजहार किया. इस अवसर पर उनके पैतृक गांव कुशमाहा में नजारा कुछ और ही था. एक किसान परिवार में जन्मे बादल को बचपन से ही दूसरों की मदद करने में आनंद मिलता था. मां से पैसे मांग कर गांव के अलावा स्कूल के बच्चों में बांट देते थे. उनकी प्राथमिक शिक्षा सारवां के बाल भारती स्कूल में हुई थी.

उन्होंने सारवां हाइस्कूल से मैट्रिक पास कर देवघर महाविद्यालय देवघर से इंटर पास किया था. बादल ने दिल्ली में ट्यूशन कर इग्नू दिल्ली से बीए किया. एक दिन पिता से उन्होंने 2700 रुपये लेकर सदा के लिए घर को छोड़ दिया. ग्रामीणों के सामने माता व पिता ने भी अभिषेक कर उन्हें घर से विदा कर दिया था और बादल ने भी माता-पिता से माफी मांग कर कहा था आप लोगों की सेवा नहीं कर सके, जनता की सेवा को जा रहे हैं. वे पूर्व सांसद फुरकान अंसारी के सानिध्य में लंबे समय तक रहे हैं.

हरिनारायण राय को हराया था 2014 में : घर छोड़ने के बाद एक रात एक गांव के चौपाल या किसी सार्वजनिक जगह में रह कर बिताना व ग्रामीणों द्वारा जो कुछ दिया उसे खाकर गुजारा करना.

चाहे किसी की शादी हो या अन्य कोई दुख-सुख में बादल हाजिर रहते थे. इसी सेवा के चलते पहली बार वह विपरीत परिस्थिति में विधान सभा चुनाव 2014 में हरिनायण राय को हरा कर विधान सभा पहुंचे. दूसरी बार 2019 में चुनाव जीतने के बाद वे मंत्री बने.

अबुआ दिशुम अबुआ राज का सपना साकार होगा

मंत्री बादल ने शपथ लेने के बाद कहा कि किसी खास रीजन से मंत्री होना कोई बड़ी बात नहीं है. कल तक मैं जरमुंडी का विधायक था. पर आज पूरे 81 विधानसभा का मैं मंत्री हूं. अपने से ज्यादा और विधानसभा पर मेरी नजर रहेगी. राज्य का खजाना खाली है, इस मुद्दे पर श्री बादल ने कहा कि अभी बजट आने जा रहा है.

हम सभी एक्सपर्ट को बैठाकर इस पर राय लेंगे कि कैसे इसे ठीक किया जा सकता है. पंचायती राज संस्थाओं के साथ समन्वय बनाकर काम करेंगे. जिन स्कूलों को बंद कर दिया गया है, शिक्षा का स्तर गिरा दिया गया है. उन सब पर काम होगा. इन सब चीजों को लेकर हम बैठेंगे कि कैसे अबुवा दिशुम अबुवा राज का जो सपना था,वो साकार हो और एक बेहतर झारखंड हम झारखंडियों के लिए देने का काम करेंगे.

बाबा बासुकीनाथ सबको आशीर्वाद देते हैं : संताल परगना के विकास के मुद्दे पर श्री बादल ने कहा कि मैं कह रहा हूं संताल-परगना से मुझे न जोड़े. मैं बाबा बासुकीनाथ के क्षेत्र से आता हूं. बाबा बासुकीनाथ केवल बासुकीनाथ वालों को ही नहीं पूरी दुनिया को आशीर्वाद देते हैं. हमारा काम देखने को मिलेगा.

उन्होंने कहा कि जीएसटी लगाने पर झारखंड को मिनिमम थ्री रैंकिंग में जो रेवन्यू प्राप्त हो रहा है. यह हमारे साथ भेदभाव हो रहा है. उस चीज का पाटने का प्रयास हमारा होगा. हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री और हम सब मिलकर करेंगे.

उन्होंने कहा कि यहां जो कोयला, आयरन ओर व अन्य खनिज हैं उनसब का दोहन दूसरे राज्य में हेडक्वार्टर रख कर कंपनियां कर रही हैं. वहां मैन पावर क्रियेट किया जा रहा है और रोजगार दिया जा रहा है. जबकि हमारे लोगों को नहीं मिल रहा है. हमारे यहां के लोगों के साथ भेदभाव हो रहा है.

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