देवघर : एनसीसी कैडेट्स पर राष्ट्र के अपमान की एफआइआर
Author Prabhat khabar digital desk
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देवघर : गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान एनसीसी कैडेट्स द्वारा जिला प्रशासन हाय-हाय का नारा लगाने के मामले में थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो ने अपने बयान पर नगर थाने में एफआइआर दर्ज की है. मामले में गिरिडीह जिले के देवरी थाना क्षेत्र के माधोपुर वर्तमान देवघर कॉलेज के समीप निवासी राजेंद्र कुमार साव, बैद्यनाथपुर […]
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देवघर : गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान एनसीसी कैडेट्स द्वारा जिला प्रशासन हाय-हाय का नारा लगाने के मामले में थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो ने अपने बयान पर नगर थाने में एफआइआर दर्ज की है. मामले में गिरिडीह जिले के देवरी थाना क्षेत्र के माधोपुर वर्तमान देवघर कॉलेज के समीप निवासी राजेंद्र कुमार साव, बैद्यनाथपुर निवासी बंटी शर्मा, कुंडा थाना क्षेत्र के करनीबाग निवासी शिवम कुमार के अलावा अज्ञात 15 एनसीसी कैडेट्स को आरोपित बनाया गया है. आरोपितों पर राष्ट्र के सम्मान को अपमानित करने का आरोप लगाया गया है.
जिक्र है कि 26 जनवरी को झंडोत्तोलन के मौके पर थाना प्रभारी विधि-व्यवस्था ड्यूटी में थे. 09:05 बजे झारखंड सरकार के कृषि मंत्री द्वारा झंडोत्तोलन का कार्यक्रम निर्धारित था. नौ बजे मंत्री समेत डीसी व एसपी खुले वाहन से परेड निरीक्षण के लिए मैदान में निकले ही थे कि स्टेडियम मुख्य गेट के सामने एनसीसी कैडेट्स का कपड़ा पहने कुछ छात्र (जिसमें एक सादे लिबास में भी था) जिला प्रशासन हाय-हाय का नारा लगाने लगे. वहां मौजूद दंडाधिकारी व सदर इंस्पेक्टर विनोद कुमार उपलब्ध पुलिस बलों के साथ उनलोगों को समझाते हुए पकड़ने का प्रयास किये.
तब तक सभी एनसीसी छात्र भाग गये. उपस्थित दर्शकों ने बताया कि एनसीसी टीम को फील्ड कमांडर द्वारा कुछ विलंब होने के कारण परेड में शामिल नहीं किया गया. इसी के विरोध में एनसीसी कैडेट टीम का सादे लिबास में नेतृत्व राजेंद्र कर रहे थे और अन्य की मदद से जिला प्रशासन हाय-हाय की नारेबाजी किये.
अन्य छात्रों में शिवम व बंटी की पहचान हुई, जबकि अन्य करीब 15 की पहचान नहीं हो सकी. राजेंद्र देवघर कॉलेज का छात्र है, जिसका पीछा करने पर भागने में सफल रहा. झंडोत्तोलन का कार्यक्रम सफल रूप से संपन्न हुआ. इस तरह से राष्ट्रीय त्योहार गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय समारोह में व्यवधान उत्पन्न का प्रयास व अनादर करना संज्ञेय अपराध है. नगर थाने में मामला दर्ज कर एएसआइ बीके मंडल को आइओ बनाया गया है.
तीन नामजद व 15 अज्ञात एनसीसी कैडेट्स को बनाया गया है आरोपित
थाना प्रभारी के बयान पर दर्ज हुई प्राथमिकी
राजेंद्र समेत तीन छात्रों को दिन भर रखा था थाने में
26 जनवरी कार्यक्रम के दौरान राजेंद्र समेत तीन छात्र पकड़े गये थे. तीनों को नगर पुलिस ने दिनभर थाने में बैठाकर रखा था. शाम में उन तीनों को थाने से पीआर लिखाकर छोड़ा गया था. दूसरे दिन 27 जनवरी को भी उन तीनों छात्रों को नगर थाने में बुलाकर पूछताछ की गयी थी. उस दौरान एसडीपीओ व थाना प्रभारी ने तीनों छात्रों से पूछताछ भी की थी.
कहते हैं कानूनी जानकार
देवघर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बालेश्वर प्रसाद सिंह का कहना है कि प्रीवेंशन ऑफ इंसल्ट टू नेशनल ऑनर्स एक्ट 1971 की धारा तीन में दोषी पाये जाने पर अधिकतम तीन साल की सजा या अर्थदंड या दोनों का प्रावधान है. आइपीसी की धारा 109 व 114 का तात्पर्य अपराध के लिए उकसाना होता है. इन दोनों धाराओं के तहत दोषी को भी अधिकतम तीन साल की सजा या अर्थदंड या दोनों सजा का ही प्रावधान है.
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