शिव तेरी गंगा मैली हो गयी, सबके पाप धोते-धोते
Author Prabhat khabar digital desk
Updated:
विज्ञापन

देवघर : श्रावणी मेला में सैकड़ों किमी चलकर आने के बाद शिव भक्त शिवगंगा तालाब में स्नान करने के बाद ही जलार्पण के लिए कतार में लगते हैं. शिवगंगा का अपना पुराना इतिहास है. इस पवित्र तालाब में स्नान कर लोग खुद को पुनीत महसूस करते हैं. ऐसी मान्यता भी बनी हुई है कि शिवगंगा […]
विज्ञापन
देवघर : श्रावणी मेला में सैकड़ों किमी चलकर आने के बाद शिव भक्त शिवगंगा तालाब में स्नान करने के बाद ही जलार्पण के लिए कतार में लगते हैं. शिवगंगा का अपना पुराना इतिहास है. इस पवित्र तालाब में स्नान कर लोग खुद को पुनीत महसूस करते हैं. ऐसी मान्यता भी बनी हुई है कि शिवगंगा में स्नान से सारे पाप धुल जाते हैं. लेकिन, आज तालाब की हालत देखकर खुद भोलेनाथ भी सोच रहे होंगे कि मनुष्य खुद के लिए पुण्य अर्जित करने की चाह में उनके शिवगंगा की क्या स्थिति कर रखी है.
लोगों के पाप धोते-धोते देवघर में शिव की गंगा कही जाने वाली शिवगंगा ही प्रदूषित हो गयी है. तालाब के चारों ओर प्लास्टिक के डिब्बे, कांवर व कचरे फेंके पड़े हैं. जबकि, सफाई के लिए निगम का जोनल कार्यालय तक शिवगंगा के पूर्वी छोर पर संचालित है. घाट पर बैठकर संकल्प कराने वाले पुरोहितों का कहना है कि निगम की ओर से मेला प्रारंभ होने के बाद एक से दो दिन घाटों की सफाई करायी गयी.
उसके बाद ध्यान नहीं दिया गया. हालांकि, जितनी सफाई की जितनी जवाबदेही नगर निगम की है, उतनी ही स्थानीय लोगों की भी है. शिवगंगा केवल एक तालाब ही नहीं बल्कि लोगों की आस्था का प्रतीक भी है. अगर, आस्था का रूप मानकर भी लोग आगे आएं व इसकी सफाई के लिए हाथ बढ़ाएं तो इस तालाब का स्वरूप ही बदल जायेगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










